माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला उस वक्त हैरत में पड़ गए जब मुंबई के आठ वर्षीय मेदांश मेहता ने उन्हें अपना बनाया हुआ गेमिंग एप "Let There Be Light" दिखाया। एप के बारे में बातचीत के दौरान मेदांश ने इडस्ट्री ग्रोथ और एग्रिकल्चर में संतुलन को लेकर विचार भी व्यक्त किए, जिससे कि प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके।
मेदांश के एप और उसके मकसद को देख नडेला इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अपने नोट में इसका जिक्र किया। नडेला ने मेदांश के बारे में कहा, 'मैं आठ साल के एक बच्चे से मिला, शायद यही वह क्षण था जब मैंने खुद को अपरिपक्व महसूस किया। आठ वर्षीय उस बच्चे का सपना ऐसा समाज है, जिसे मालूम हो कि इकनॉमिक ग्रोथ के साथ पर्यावरण संरक्षण कैसे किया जा सकता है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए उसने एक गेम भी तैयार किया है।'
मेदांश ने सत्य नडेला से कहा कि वह एक माइक्रोसॉफ्ट का सीईओ बनना चाहता है, तो अपना यह सपना वह कैसे पूरा सकता है। इस पर नडेला ने कहा कि आपकी महत्वाकांक्षा माइक्रोसॉफ्ट का सीईओ बनने से कहीं ज्यादा बड़ी है।
सीएनबीसी के साथ बातचीत में मेदांश ने गेमिंग एप के बारे में बताया कि इसमें आपको फैक्ट्री और फार्म बनाने हैं। जिससे की शहर संपन्न बन सके। एक निश्चित समय पर शहा जगमगाने लगता है और ऐसी स्थिति में पहुंच जाता है, जहां आप पांच मिनट में 1500 कॉइन कमा सकते हैं।