अंदर जाने के सभी रास्ते बंद
बचाव अभियान की जानकारी देते हुए, एसडीआरएफ के एक अधिकारी ने बताया कि सुरंग के अंदर जाने का कोई रास्ता नहीं है। छत ढह जाने से अंदर जाने का रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है और घुटनों तक कीचड़ भी भरा हुआ है। इसके बाद एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य बचाव दल, सिंगरेनी कोलियरीज के अधिकारियों के साथ सुरंग के ढह चुके हिस्से का निरीक्षण करने के बाद वापस लौट गए।
वहीं सुरंग में फंसे श्रमिकों को निकाले के दूसरे कई प्रयासों पर काम हो रहा है। मामले में तेलंगाना के सिंचाई मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने बताया कि राज्य सरकार विशेषज्ञों की मदद ले रही है, जिनमें पिछले साल उत्तराखंड में इसी तरह की घटना में फंसे श्रमिकों को बचाने वाले लोग भी शामिल हैं।
इन राज्यों के लोग सुरंग के अंदर फंसे
इस मामले में राज्य सरकार सेना और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की भी मदद ले रही है। फंसे हुए लोगों में से दो इंजीनियर, दो ऑपरेटर और चार अन्य मजदूर हैं। ये सभी उत्तर प्रदेश, झारखंड, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं। सूत्रों ने बताया कि फंसे हुए लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरंग में सांस लेने के लिए हवा का प्रबंध किया गया है। ईटीएफ विशेषज्ञ इंजीनियरिंग टीमें, सेना चिकित्सा कोर के फील्ड एम्बुलेंस से एक मेडिकल टुकड़ी, कुछ एम्बुलेंस, तीन उच्च क्षमता वाले पंपिंग सेट, बख्तरबंद होज और अन्य सहायक उपकरण से लैस है।
सरकार की ओर से किए गए ये इंतजाम
मामले में नागरकुरनूल से कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने बताया कि, एनडीआरएफ हैदराबाद से 145 लोग आए हैं। एसडीआरएफ से 120 लोग आए हैं, वे उन्हें बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। सुरंग के अंदर ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही है। अंदर पानी है, पानी निकालने के लिए 100 एचपी का पंप आ रहा है और 250 केवी का बड़ा जनरेटर भी लाया जा रहा है। अंदर फंसे लोगों की जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
13 किमी के बाद ढह गया सुरंग का ढांचा
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सुरंग में प्रवेश करने वाली टीमों की मदद के लिए ड्रोन तैनात किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सुरंग के अंदर 13 किलोमीटर तक रास्ता साफ है और सुरंग के 14 किमी पर ढांचा ढह गया है। हालांकि, बचाव दल सुरंग की समग्र स्थिति को लेकर आशंकित हैं। वहीं तेलंगाना के मुख्य सचिव के अनुरोध पर सेना ने महत्वपूर्ण बचाव अभियान के लिए अपने इंजीनियर टास्क फोर्स (ईटीएफ) को मौके पर भेजा है।
पीएम मोदी ने सीएम रेवंत से की बात
तेलंगाना और आंध्र सब एरिया मुख्यालय और इन्फैंट्री डिवीजन मुख्यालय की तरफ से मामले की स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है, ताकि सेना, नागरिक अधिकारियों और अन्य बचाव दलों के बीच निर्बाध समन्वय सुनिश्चित किया जा सके। इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एसएलबीसी सुरंग में चल रहे बचाव प्रयासों के बारे में तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी से बात की। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री को बचाव कार्यों में केंद्र सरकार की ओर से पूरी सहायता का आश्वासन दिया है।
राहुल गांधी ने हादसे पर चिंता व्यक्त की
इधर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस घटना पर चिंता जताई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि- उन्हें बताया गया है कि राज्य सरकार बचाव दलों के साथ, फंसे लोगों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा, मुझे बताया गया है कि बचाव अभियान जारी है और राज्य सरकार आपदा राहत दलों के साथ फंसे लोगों को बचाने का हर संभव प्रयास कर रही है।