केंद्र सरकार ने क्षेत्रीय संपर्क योजना 'उड़े देश का आम नागरिक' (उड़ान) के चौथे दौर के तहत 78 नए अतिरिक्त मार्गों को अनुमति दे दी है। इन मार्गों को अनुमति देकर उत्तर पूर्व, पर्वतीय राज्यों और द्वीपों तक कनेक्टिविटी बढ़ाने पर फोकस किया किया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने गुरुवार को इसकी घोषणा की।
उड़ान एक क्षेत्रीय एयरपोर्ट विकास योजना है। इसका लक्ष्य दूरजराज के और क्षेत्रीय इलाकों तक संपर्क बेहतर बनाना और हवाई यात्रा को किफायती बनाना है। यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई केंद्र की राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन नीति की एक प्रमुख घटक है, जिसे जून 2016 में लॉन्च किया गया था।
इसे लेकर मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, 'गुवाहाटी से तेजू, रूपसी, तेजपुर, पासीघाट, मीसा और शिलांग के मार्गों के साथ उत्तर पूर्व में संपर्क को विशेष बढ़ावा दिया जा रहा है। इन उड़ान 4 मार्गों के तहत लोग हिसार से चंडीगढ़, देहरादून और धर्मशाला के लिए उड़ान भर सकेंगे।
मंत्रालय ने बयान में कहा, 'वाराणसी से चित्रकूट और श्रावस्ती के लिए मार्गों को भी मंजूरी दी गई है। लक्षद्वीप के अगत्ती, कावारत्ती और मिनिकॉय द्वीप भी उड़ान 4 के तहत अनुमति प्राप्त नए मार्गों से जुड़ गए हैं।' बयान में कहा गया कि इन मार्गों को अनुमति मिलने से दूरदराज के इलाकों के लिए संपर्त बेहतर हो सकेगा।