पाकिस्तान द्वारा रिहा किए जाने के बाद कराची जेल में बंद 77 भारतीय मछुआरे और बिहार का एक व्यक्ति भारत लौट आए हैं। इन भारतीय कैदियों को पाकिस्तान ने अटारी/वाघा सीमा की संयुक्त जांच चौकी पर बीएसएफ के हवाले कर दिया।
रिहा हुए सभी कैदी सड़क मार्ग के जरिए भारत पहुंचे। भारतीय मछुआरे पिछले साल मई में तब गिरफ्तार किए गए थे जब उनकी नौकाएं अरब सागर के पाक जल क्षेत्र में घुस गई थीं। भारत के अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि देश लौटने के बाद डॉक्टरों ने उनकी जांच की।
इन लोगों के भारतीय सरजमीं पर पहुंचने के बाद बड़ा भावुक दृश्य देखने को मिला। रिहा होकर आए लोगों ने पहले भारतीय सरजमीं पर माथा टेका और उसके बाद मातृभूमि को चूमा। भारतीय मछुआरों ने कहा कि अरब सागर में मछली पकड़ने के दौरान भारत-पाक के जल क्षेत्र की अलग-अलग पहचान करना काफी मुश्किल होता है।
इस वजह से दोनों देशों के मछुआरे आए दिन अपनी नौकाओं के साथ गिरफ्तार हो जाते हैं। अरब सागर में समुद्री सीमा को भी ठीक तरह से परिभाषित नहीं किया गया है। तकनीक का भी अभाव है इसलिए नौकाओं को सीमा की सटीक स्थिति का पता नहीं चल पाता।
भारत लौटे मछुआरों से भविष्य के बारे में बात करने पर उनके चेहरे पर चिंता के भाव दिखे। उनकी नौकाएं अब पाक के कब्जे में हैं। एक नौका की कीमत तीन लाख से 10 लाख रुपये तक बैठती है। अधिकांश मछुआरों ने कहा कि अब वे बेरोजगार हो जाएंगे क्योंकि कर्ज लेकर ही उन्होंने नावें खरीदी थीं।