पिछले साल के मुकाबले इस बार डेंगू का संक्रमण गंभीर असर दिखाने लगा है। आमतौर पर सितंबर और अक्तूबर में सबसे ज्यादा मामले सामने आते हैं लेकिन इस बार डेंगू का प्रसार कई गुना बढ़ा है और पिछले साल की तुलना में 75 फीसदी ज्यादा लोग इसकी चपेट में आए हैं। ऐसे में केंद्र सरकार ने डेंगू को लेकर सभी राज्यों को सतर्क रहने के लिए कहा है।
केंद्र के मुताबिक केरल से लेकर आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में डेंगू के सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। मानसून में जलभराव और लोगों में जागरूकता को लेकर तत्काल उपाय करने चाहिए। इसमें नगर निकायों का सहयोग लेना भी बहुत जरूरी है।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव डॉ. अपूर्व चंद्रा ने बताया कि इस साल जून तक, देश में डेंगू के 32,091 मामले दर्ज किए गए, जो 2023 के पहले छह महीनों में आए 18,391 मामलों से 75 फीसदी अधिक है। इसी तरह जुलाई में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 50 फीसदी अधिक मामले देखे गए हैं। इस साल डेंगू प्रसार की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्य-स्तरीय तैयारियों की समीक्षा करने और अस्पतालों में तैयारी के लिए अब तक तीन अंतर-मंत्रालयी समीक्षा बैठक भी की है। इस साल जून तक डेंगू से देश भर में 32 लोगों की मौत हुई है।
पिछले साल हुई 385 लोगों की मौतें
केंद्र सरकार के राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम की रिपोर्ट बताती है कि 2020 में देश में डेंगू के 44,585 मामले सामने आए जो 2021 में बढ़कर 1,93,245 हो गए। 2022 में विभिन्न राज्यों में डेंगू के कुल 2,33,251 मामले दर्ज किए गए और अगले साल 2023 में यह बढ़कर 2,89,235 तक पहुंच गए। इसी तरह 2020 में डेंगू से 56 व 2021 में 346, 2022 में 303 और 2023 में 385 मरीजों की मौत हुई।
नए शहरों और गांवों तक पहुंचे मच्छर
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. अश्विन कुमार का कहना है कि हर साल डेंगू के मामलों में इस जोखिम भरी वृद्धि के पीछे मुख्य कारण एडीज मच्छर का नए भौगोलिक क्षेत्रों में विस्तार करना है। जलवायु परिवर्तन से प्रभावित क्षेत्र और लक्षित निगरानी का अभाव भी कुछ कारण हैं जिनकी वजह से यह लोगों को ज्यादा तेजी से अपनी चपेट में ले रहा है। उन्होंने कहा कि डेंगू संक्रमण के जोखिम से लोगों को बचाया जा सकता है।