देश में हिंसा पीड़ित महिलाओं की मदद करने के लिए 728 वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) खोलने की मंजूरी दी गई थी, लेकिन इनमें से 595 ही संचालित हो रहे हैं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के मुताबिक, 2018 में इन 595 ओएससी के जरिये 2.2 लाख पीड़ित महिलाओं का सहायता उपलब्ध कराई गई।
सहायता पाने वाली महिलाओं में 1.10 लाख महिलाएं अकेले उत्तर प्रदेश की थीं, जो इस प्रदेश में महिला हिंसा की खराब स्थिति को दर्शा रहा है। इसके अलावा 16 हजार से ज्यादा महिलाओं को छत्तीसगढ़ में और 13 हजार से ज्यादा महिलाओं को मध्य प्रदेश में कानूनी और मनोवैज्ञानिक मदद दी गई। इनमें अधिकतर महिलाएं दुष्कर्म, यौन उत्पीड़न या घरेलू हिंसा से पीड़ित थीं।