राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े सेवा भारती, प्रोजेक्ट मुंबई और हरे कृष्ण आंदोलन उन 72 स्वैच्छिक समूहों में शामिल हैं, जिन्हें इस वर्ष विदेशी दान प्राप्त करने के लिए विदेशी योगदान (नियमन) अधिनियम, 2010 के तहत पंजीकरण मिला है। सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है।
कौन-कौन से संगठन शामिल?
काकीनाडा स्थित सेवा भारती रक्त बैंक चलाती है और आपदा राहत तथा शिक्षा में मदद करती है। इस समूह को आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक उद्देश्यों की श्रेणी में विदेशी धन प्राप्त करने के लिए पंजीकृत किया गया है।
गृह मंत्रालय ने अलग-अलग श्रेणियों के तहत विदेशी दान प्राप्त करने के लिए 72 संगठनों को योग्य घोषित किया है।
प्रोजेक्ट मुंबई स्वच्छ पानी, मानसिक स्वास्थ्य, जरूरतमंदों के लिए भोजन उपलब्ध कराने और पहुंच तथा समावेशिता सुधारने का काम करता है। यह मुंबई और मुंबई महानगरीय क्षेत्र में सामाजिक बदलाव लाने के लिए सार्वजनिक-निजी-जन साझेदारी मॉडल पर काम करता है। इसकी जानकारी संगठन की वेबसाइट पर दी गई है।
वहीं, हरे कृष्ण आंदोलन भारत ग्रामीण समुदायों के वंचित बच्चों को सशक्त बनाने का कार्य करता है। यह संगठन धार्मिक (हिंदू), सांस्कृतिक, आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक श्रेणियों में पंजीकृत है। संगठन की वेबसाइट पर इसकी जानकारी दी गई है।
नियमों में क्या बदलाव हुआ?
केंद्र सरकार ने हाल ही में विदेशी योगदान (नियमन) नियम, 2011 में कई संशोधन अधिसूचित किए हैं, जिससे गैर सरकारी संगठनों की ओर से विदेशी धन प्राप्त करने और उसके उपयोग में जवाबदेही और कड़ी कर दी गई है।
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ऑनलाइन व्यवस्था में क्या नया?
गृह मंत्रालय की वेबसाइट को भी नया रूप दिया गया है। इसमें विदेशी योगदान नियमन से जुड़े सभी प्रमुख कार्यों जैसे पंजीकरण, नवीनीकरण, वार्षिक विवरण और अन्य सेवाएं ऑनलाइन कर दी गई हैं। नए विदेशी योगदान (नियमन) संशोधन नियम, 2026 के प्रमुख प्रावधान भी इसमें शामिल किए गए हैं।
मंत्रालय के अनुसार, यह मंच अनुपालन को आसान बनाने के लिए तैयार किया गया है। साथ ही संगठनों द्वारा प्राप्त विदेशी धन की निगरानी और प्रवर्तन को मजबूत किया गया है।
वर्तमान में देशभर में लगभग 14,500 सक्रिय संगठन हैं, जो विदेशी दान प्राप्त करने के लिए पंजीकृत हैं। एक सरकारी बयान में बताया गया कि हर वर्ष लगभग 15 हजार से 20 हजार आवेदन और लगभग 17 हजार वार्षिक विवरण प्राप्त होते हैं।