एक अदालत ने शुक्रवार को यहां 1997 से चल रहे एक मुकदमे में 7 लोगों को 21 साल बाद दोषी ठहराते हुए 5 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई। इन सभी पर हिंदू संगठनों के नेताओं की बड़े पैमाने पर हत्या करने के इरादे से विस्फोटक बनाने और छिपाकर रखने का आरोप था।
कोडुनगेइयूर विस्फोटक केस के नाम से चल रहे इस मामले में बम विस्फोट मामलों की विशेष अदालत के जज पी. सेनथूरपांडी ने निर्णय सुनाया। जज ने 9 आरोपियों में से 7 को दोषी ठहराया, जिसमें मुख्य साजिशकर्ता मोहम्मद खान उर्फ सिराजुद्दीन भी शामिल है।