यूरोपीय संघ के सात सदस्यीय दल ने शुक्रवार को बीएचयू के मालवीय शांति अनुसंधान केंद्र का दौरा किया। यहां बनारस के अंतर सांस्कृतिक संवाद और सामुदायिक संबंधों को समझा। साथ ही प्रदेश की शासन व्यवस्था और राजनीतिक संस्कृति पर चर्चा की। यूपी विधानसभा चुनाव के प्रमुख मुद्दों के बारे में जाना। जोर दिया कि अब चुनाव जातिवाद और क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर मानव विकास तथा सुरक्षा के मुद्दों पर लड़ा जाए।
यूनेस्को चेयर के प्रो. प्रियंकर उपाध्याय ने बताया कि दल को बताया गया कि विकास की राजनीति यूपी का प्रमुख मुद्दा है। यहां चुनाव में सोशल इंजीनियरिंग भी मायने रखती है। सुशासन के साथ जो राजनीतिक दल मध्य वर्ग की महत्वाकांक्षा को जमीनी स्तर पर साकार करने का वादा करेगा, जनता उसकी तरफ हो सकती है।
दल को बताया गया कि यूपी की राजनीतिक संस्कृति को सामंतवादी गैर प्रजातांत्रिक मूल्यों से दूर करना पड़ेगा। जानकारों की मानें तो विदेश नीति व पूंजी निवेश के मद्देनजर यूरोपीय संघ ने ये दौरा किया है। चूंकि राजनीति के लिहाज से उत्तर प्रदेश की भूमिका अहम है, इसलिए संघ ने विधानसभा चुनाव की जानकारी ली है।
दल का नेतृत्व डिप्टी मिशन चीफ एनी चैटर्जी ने किया। इसमें नीदरलैंड, फिनलैंड व बेल्जियम से भी सदस्य शामिल थे। इस अवसर पर प्रो. केशव मिश्र, डॉ. सीडी अधिकारी, डॉ. मनोज, डॉ. प्रशांत, डॉ. अजय यादव आदि मौजूद रहे।