रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में बेनामी प्रॉपर्टी पर रोकथाम लगाने के मुद्दे पर ज्यादा सख्त कानून लाने की बात की। इस सिलसिले में बेनामी संपत्ति निरोधक कानून, 1988 में इस साल बदलाव भी किया गया है। लेकिन सवाल उठता है कि दरअसल ये बेनामी संपत्ति क्या होती है और आम लोग इसे कैसे समझें।
=> जब संपत्ति खरीदने वाला अपने पैसे से किसी और के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदता है तो यह बेनामी प्रॉपर्टी कहलाती है।
=> लेकिन शर्त ये है कि खरीद में लगा पैसा आमदनी के ज्ञात स्रोतों से बाहर का होना चाहिए। भुगतान चाहे सीधे तौर पर भी किया जाए या फिर घुमा फिराकर।
=> अगर खरीदार ने इसे परिवार के किसी व्यक्ति या किसी करीबी के नाम पर भी खरीदा हो तब भी ये बेनामी प्रॉपर्टी ही कही जाएगी।