टाइमलाइन

7/11 Mumbai Train Blasts: हाईकोर्ट से बरी लोकल ट्रेन धमाकों के आरोपी कौन? 2006 धमाकों की टाइमलाइन भी जानिए

11 जुलाई 2006 को हुए सिलसिलेवार लोकल ट्रेन धमाके मामले में संलिप्तता के आरोप में 2006 में गिरफ्तार किए गए 12 लोगों को बॉम्बे हाईकोर्ट ने बरी कर दिया। अभियोजन पक्ष ने दावा किया था कि आरोपी प्रतिबंधित स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के सदस्य थे। आइए जानते हैं 2006 के मुंबई ट्रेन विस्फोट मामले से जुड़े पूरे घटनाक्रम...
  • 11 जुलाई, 2006
    पश्चिमी उपनगरीय रेलवे लाइन पर शाम 6.23 बजे से 6.29 बजे के बीच सात लोकल ट्रेनों के प्रथम श्रेणी डिब्बों में सात बम विस्फोट हुए। 187 लोग मारे गए और 824 घायल हुए।
  • 11 जुलाई, 2006
    अलग-अलग पुलिस थानों में सात अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गईं। बाद में महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने इन्हें एक साथ मिलाकर जांच की।
  • जुलाई-अगस्त 2006
    एटीएस ने मामले में संलिप्तता के आरोप में 13 लोगों को गिरफ्तार किया।
  • 30 नवंबर, 2006
    13 पाकिस्तानी नागरिकों सहित 30 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया, जिनमें से कई वांछित थे।
  • 2007
    मुकदमा शुरू हुआ।
  • 19 अगस्त, 2014
    मुकदमा खत्म हुआ। विशेष अदालत ने 13 गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ अपना फैसला सुरक्षित रखा।
  • 11 सितंबर, 2015
    विशेष अदालत ने 13 अभियुक्तों में से 12 को दोषी ठहराया। एक अभियुक्त को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।
  • 30 सितंबर, 2015
    विशेष अदालत ने पांच दोषियों को मृत्युदंड सुनाया। शेष सात को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
  • अक्तूबर 2015
    महाराष्ट्र सरकार ने पांच अभियुक्तों को दी गई मृत्युदंड बरकरार रखने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील दायर की। सभी 12 अभियुक्तों ने अपनी दोषसिद्धि और सजा को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय में अपील दायर की।
  • 2015-2024
    उच्च न्यायालय की विभिन्न पीठों के समक्ष अपीलें रखी गईं।
  • जून 2024
    मृत्युदंड की सजा पाए अभियुक्तों में से एक एहतेशाम सिद्दीकी ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अपीलों की शीघ्र सुनवाई और निपटारे के लिए हस्तक्षेप की मांग की।
  • जुलाई 2024 
    हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति अनिल किलोर और न्यायमूर्ति श्याम चांडक की विशेष पीठ गठित की।
  • 15 जुलाई, 2024
    हाईकोर्ट की विशेष पीठ ने अपीलों पर दैनिक आधार पर सुनवाई शुरू की।
     
  • 31 जनवरी, 2025
    हाईकोर्ट ने अपीलों पर सुनवाई पूरी की। फैसला सुरक्षित रखते हुए मामला बंद किया।
  • 21 जुलाई, 2025
    बम धमाकों के 19 साल बाद बॉम्बे उच्च न्यायालय ने 12 लोगों को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष मामला साबित करने में पूरी तरह विफल रहा। यह विश्वास करना मुश्किल है कि अभियुक्तों ने अपराध किया था।
  • मौत की सजा पाए आरोपी, जिन्हें बरी किया गया...
    1) कमाल अहमद अंसारी
    2) मोहम्मद फैसल रहमान शेख
    3) एहतेशाम सिद्दीकी
    4) नवीद हुसैन खान रशीद
    5) आसिफ खान बशीर खान
  • आजीवन कारावास की सजा पाने वाले आरोपी, जिन्हें बरी किया गया...
    1) तनवीर अहमद अंसारी
    2) मोहम्मद शफी
    3) शेख मोहम्मद अली आलम
    4) मोहम्मद साजिद अंसारी
    5) मुजम्मिल रहमान शेख
    6) सुहैल महमूद शेख
    7) जमीर रहमान शेख