जम्मू-कश्मीर के पुंछ में एक 65 साल की महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है। महिला का दावा है कि वह दुनिया की सबसे ज्यादा उम्र में बनी मां है। महिला के 80 साल के पति हकीम दीन ने इसे खुदा का नायाब तोहफा बताया है। महिला का एक 10 साल का बेटा भी है। महिला का कहना है कि वह सामान्य रूप से मां बनी है।
महिला को बुधवार को पुंछ के जिला अस्पताल में उस समय भर्ती करवाया गया था जब उसने लेबर पेन होने की शिकायत की। दोपहर को उसने दूसरे बच्चे को जन्म दिया। इस वृद्ध जोड़े का कहना है कि उसे सरकार से नवजात को पालने-पोसने के लिए आर्थिक मदद की जरूरत है। इस मामले को कश्मीर के प्रसूति विशेषज्ञ डॉक्टर शाबिर सिद्दीकी ने दुर्लभतम करार दिया है।
सिद्दीकी ने कहा, 'आमतौर पर भारत में 47 साल की उम्र में महिलाओं के मासिक धर्म की प्रक्रिया बंद हो जाती है। इसके बंद होने के बाद बच्चे को जन्म देने की कोई संभावना नहीं रहती है। लेकिन यह दुर्लभतम मामला है।' महिला के दावे पर अस्पताल की सीएमओ डॉ. मुमताज बट्टी ने बताया कि उसका जन्म प्रमाण पत्र नहीं बना है। ऐसे में उसके दावे को माना नहीं जा सकता है।
महिला ने बिना आईवीएफ तकनीक के प्राकृतिक रूप से गर्भ धारण किया और स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। ज्यादातर महिलाओं ने आईवीएफ तकनीक के जरिए 50 साल की उम्र के बाद बच्चे को जन्म दिया है। अभी तक दुनिया की सबसे बूढ़ी मां बनने का रिकॉर्ड स्पेन की 66 साल की मारिया डेल कारमेन बोसाडा डे लारा के नाम है।
मारिया ने आईवीएफ के जरिए 2006 में जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था। बहुत सी महिलाओं ने बढ़ी हुई उम्र में बच्चों को जन्म देने का दावा किया है। एक और 72 साल की भारतीय महिला दलजिंदर कौर ने अप्रैल 2016 में आईवीएफ के जरिए एक बेटे को जन्म दिया था। उसने भी विश्व की सबसे ज्यादा उम्र में मां बनने का दावा किया था।