कर विभाग ने सात सितंबर को देश में छह स्वयंसेवी संगठनों के खिलाफ सर्वेक्षण अभियान शुरू किया था और सूत्रों ने कहा था कि अधिकारियों ने विदेशी योगदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए) के माध्यम से धन की प्राप्ति के साथ-साथ उनकी बैलेंस शीट को देखा था।
पिछले सप्ताह छह गैर-सरकारी संगठनों पर आयकर विभाग की टीम ने एक सर्वे किया। जिसके बाद 610 लोगों ने एकजुटता का बयान जारी किया है। इस बयान पर सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय, अनु आगा, कश्मीर टाइम्स की संपादक अनुराधा भसीन, आकार पटेल, गांधी पीस फाउंडेशन के बिस्वजीत सहित अन्य ने हस्ताक्षर किए।
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बयान में कहा गया है कि सात सितंबर से एक थिंक टैंक, कुछ अंतरराष्ट्रीय गैर सरकारी संगठनों, गैर-लाभकारी संस्थाओं और स्वतंत्र मीडिया के लिए एक फंडिंग एजेंसी 'छापे' पर आयकर विभाग की टीम ने छापेमारी की। बिना किसी कारण के आयकर अधिकारियों द्वारा मौके से जानकारी हासिल की।
कर विभाग ने सात सितंबर को देश में छह स्वयंसेवी संगठनों के खिलाफ सर्वेक्षण अभियान शुरू किया था और सूत्रों ने कहा था कि कर अधिकारियों ने विदेशी योगदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए) के माध्यम से धन की प्राप्ति के साथ-साथ उनकी बैलेंस शीट को देखा था। सूत्रों ने कहा कि दस्तावेजों का विश्लेषण जारी है और विभाग आने वाले दिनों में इन संगठनों के कुछ अधिकारियों से पूछताछ कर सकता है।