किसानों के आंदोलन से दिल्ली की प्रमुख मंडियों में सब्जियों की आवक 25 से 50 फीसदी तक प्रभावित हुई है। एशिया की सबसे बड़ी फल-सब्जी मंडी आजादपुर में सब्जियों की आवक में 50 फीसदी तक कम हो गई है। गाजीपुर सब्जी मंडी और केशोपुर सब्जी मंडी में भी सब्जियों की आवक कम हो गई है। इसी बीच, ट्रकों के एक बड़े संगठन AIMTC ने कहा कि अगर तीन दिसंबर तक किसानों और सरकार के बीच सहमति नहीं बनती है तो वे भी हड़ताल पर जा सकते हैं। इससे लगभग 60 हजार ट्रक सड़कों पर नहीं उतरेंगे जिससे देश की सप्लाई लाइन पर बुरा असर पड़ सकता है। इससे सब्जियों के दामों में भी भारी उछाल आ सकता है।
गाजीपुर सब्जी मंडी के चेयरमैन सत्यदेव प्रसाद ने कहा कि मंडी में पंजाब से रोजाना 150 ट्रक आलू आता था जो अब घटकर एक-दो ट्रक रह गया है। सीमाओं पर धरना-प्रदर्शन से अन्य सब्जियों की आवक भी प्रभावित हुई है। केशोपुर सब्जी मंडी के चेयरमैन राधेश्याम शर्मा ने बताया कि आलू-प्याज की पहुंच प्रभावित हो रही है, हालांकि स्थानीय सब्जियों के आवक में बाधा न पड़ने से कीमतों में ज्यादा उछाल नहीं आया है। अगर किसानों का आंदोलन आगे बढ़ता है तो मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
आजादपुर सब्जी मंडी में बुधवार को आलू 26.75 रुपये प्रति किलो और प्याज 22.25 रुपये प्रति किलो में बिकी। केशोपुर सब्जी मंडी में आलू 24 से 30 रुपये प्रति किलो और प्याज 30-35 रुपये प्रति किलो तक बिका है। खुदरा बाजार में यही आलू ग्राहकों को 40-45 रुपये प्रति किलो तो प्याज 40-50 रुपये प्रति किलो मिल रही है। लेकिन इन कीमतों में भारी उछाल हो सकता है।
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के प्रवक्ता राजेंद्र कपूर ने बताया कि संगठन ने किसान आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने का निर्णय किया है। संगठन ने कहा है कि अगर 3 दिसंबर को सरकार और किसानों के बीच सहमति नहीं बनती है तो वो पूरे देश में हड़ताल पर जाएंगे। ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल से दिल्ली में आने-जाने वाले 60 हजार और पूरे देश में एक करोड़ व्यावसायिक वाहनों का परिचालन प्रभावित होगा।