केंद्र सरकार अगले बीस सालों में सामान्य उपभोग की तुलना में बिजली और पानी की खपत में पचास फीसदी तक कमी लाएगी। साथ ही 60 फीसदी शहरी आबादी सार्वजनिक परिवहन के साधनों का इस्तेमाल करेगी। बीस सालों के शहरी विकास की रणनीति पर तैयार केंद्र सरकार की एक रिपोर्ट में इसका दावा किया गया है।
इंडिया हैबिटेट-3 नेशनल रिपोर्ट बताती है कि पेरिस जलवायु परिवर्तन समझौते से राजी होने के बाद भारत की जिम्मेदारी बनती है कि सतत विकास को बढ़ावा दिया जाए। रिपोर्ट के मुताबिक, अगले बीस सालों में बिजली-पानी के सामान्य उपभोग में पचास फीसदी कटौती करने का लक्ष्य है। इसके लिये अक्षय ऊर्जा स्रोतों के साथ एलईडी लाइटिंग को बढ़ावा दिया जायेगा। वहीं, रेन वाटर हार्वेस्टिंग व गंदे पानी को शोधित कर उसे दोबारा इस्तेमाल के लायक बनाया जायेगा। इसके अलावा रियल एस्टेट क्षेत्र में तकनीक का इस्तेमाल होगा।