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सरकार की रणनीतिः शहरों में 60 फीसदी लोग इस्तेमाल करेंगे सार्वजनिक वाहन 

Tue, 04 Oct 2016 05:19 AM IST
संतोष कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
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वेंकैया नायडू - फोटो : ANI
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केंद्र सरकार अगले बीस सालों में सामान्य उपभोग की तुलना में बिजली और पानी की खपत में पचास फीसदी तक कमी लाएगी। साथ ही 60 फीसदी शहरी आबादी सार्वजनिक परिवहन के साधनों का इस्तेमाल करेगी। बीस सालों के शहरी विकास की रणनीति पर तैयार केंद्र सरकार की एक रिपोर्ट में इसका दावा किया गया है।
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इंडिया हैबिटेट-3 नेशनल रिपोर्ट बताती है कि पेरिस जलवायु परिवर्तन समझौते से राजी होने के बाद भारत की जिम्मेदारी बनती है कि सतत विकास को  बढ़ावा दिया जाए।  रिपोर्ट के मुताबिक, अगले बीस सालों में बिजली-पानी के सामान्य उपभोग में  पचास फीसदी कटौती करने का लक्ष्य है। इसके लिये अक्षय ऊर्जा स्रोतों के साथ  एलईडी लाइटिंग को बढ़ावा दिया जायेगा। वहीं, रेन वाटर हार्वेस्टिंग व गंदे  पानी को शोधित कर उसे दोबारा इस्तेमाल के लायक बनाया जायेगा। इसके अलावा रियल एस्टेट क्षेत्र में तकनीक का इस्तेमाल होगा। 
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वेंकैया नायडू - फोटो : ANI
सरकार की योजना है कि बीस सालों में देश की 60 फीसदी शहरी आबादी को सार्वजनिक परिवहन की ओर शिफ्ट कर दिया जाए। इसके लिए परिवहन का पूरा सिस्टम तैयार किया जायेगा। वहीं, लोगों को लास्ट माइल कनेक्टिविटी देने के साथ साइकिल ट्रैक, फुटपाथ, राहगीरों के लिये अलग से ट्रैक जैसी सुविधाओं का विस्तार होगा।

इस मौके पर वेंकैया नायडू ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस एजेंडे पर काम भी शुरू कर दिया है। मसलन, पिछले साल जून में शुरू हुई प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहरी गरीबों के लिए 10.10 लाख से ज्यादा आवासों को मंजूरी दी गई है। जबकि 2005-14 के बीच सिर्फ 10.30 लाख आवासों को मंजूरी मिली थी। इसी तरह स्मार्ट सिटी, मिशन अमृत, हेरिटेज सिटी जैसी योजनाएं भी शहरी विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।
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