सिलिंडर लीक होने से लगी आग बरामदे में रखे भूसे में फैल गई
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आजमगढ़ जिले के कोटवा चक बंगाली गांव की निवासी 85 वर्षीय रामताजी देवी जीते-जी अपनी तेरहवीं का कार्यक्रम करवा रहीं थी। सोमवार को दिन में भंडारे का भोजन तैयार करने के दौरान सिलिंडर से हुए गैस रिसाव से पास में रखे भूसे में आग लग गई। इससे उनकी जान चली गई। बगल के कमरे में धुआं भर गया और आग से बचने के लिए उसमें छिपे दो मासूम और चार महिलाओं की दम घुटने से मौत हो गई। हादसे में एक किशोरी की हालत गंभीर है। उसे इलाज के लिए वाराणसी रेफर किया गया है।
इसके पूर्व परिवार के लोगों ने सोमवार को भंडारे का आयोजन किया था। जिसमें गांव के लोगों के साथ ही नाते-रिश्तेदार भी शामिल होने के लिए आए थे। सोमवार को दिन में एक टीनशेड लगे मकान के आगे गैस चूल्हे पर भोजन पक रहा था। मकान के बरामदे में भूसा फैला हुआ था। इसी दौरान सिलिंडर लीक होने से आग लग गई। सिलिंडर में आग लगते ही मौके पर अफरातफरी मच गई। इस दौरान टीनशेड में मौजूद महिलाएं अपने बच्चों को लेकर आग से बचने के लिए एक कमरे में छिप गईं। कुछ ही देर में बरामदे में रखे भूसे ने भी आग पकड़ ली।
इसके बाद धुआं टीन शेड वाले कमरे में भर गया। इससे दम घुटने से कमरे में मौजूद रामताजी (80) पत्नी स्व. बालेश्वर, कविता (48) पत्नी महेंद्र, पुजियंका (18) पुत्री महेंद्र निवासी कोटिला चक बंगाली थाना रानी की सराय, तारा देवी (50) पत्नी राजाराम निवासी बद्दोपुर थाना शहर कोतवाली, अनिता (44) पत्नी राजेंद्र, 2 साल की आराधना पुत्री राजेंद्र निवासी जमीन नरहन खास थाना कोतवाली जीयनपुर, 4 साल की अंजली पुत्री हरिओम निवासी आंखीपुर थाना कोतवाली जीयनपुर बेहोश हो गये। ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया और कमरे में बेहोश सभी को तत्काल जिला अस्पताल लाया गया जहां डॉक्टरों ने पुजियंका को छोड़ सभी को मृत घोषित कर दिया। पुजियंका की हालत गंभीर है। जिलाधिकारी ने भी जिला अस्पताल पहुंचकर मामले की जानकारी ली और परिजनों को सांत्वना दिया।