गोवा के पणजी में 53वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) का आगाज रविवार को हुआ। 28 नवंबर तक चलने वाले महोत्सव में तमाम राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय फिल्मी हस्तियां शामिल होंगी। रविवार को उद्घाटन समारोह में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा, सरकार का लक्ष्य आईएफएफआई को सामग्री निर्माण, फिल्म निर्माण और शूटिंग के लिए वैश्विक कंटेंट हब के रूप में स्थापित करना है।
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साथ ही कहा कि इसे एक ऐसे मंच के रूप में स्थापित करने की तैयारी है, जहां देश-दुनिया के प्रतिष्ठित फिल्म निर्माताओं, निर्देशकों व कलाकारों को अपनी फिल्में प्रदर्शित करने का अवसर मिले। कुछ वर्षों में आईएफएफआई ने अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में सिनेमा में उभरती समकालीन प्रवृत्ति को आत्मसात किया है। वहीं, युवा फिल्म निर्माताओं व रचनात्मक प्रतिभाओं की भागीदारी को समान रूप से प्रोत्साहित किया है।
सिनेमा भी महिलाओं की भागीदारी के बिना अधूरा
केंद्रीय मंत्री ठाकुर ने कहा, वास्तविक जीवन की तरह ही सिनेमा भी महिलाओं की भागीदारी के बिना अधूरा है। ऐसे में यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि उनके काम को ज्यादा से ज्यादा दिखाया और प्रचारित किया जाए। इस साल यहां दिखाई जा रही लगभग 40 प्रतिशत फिल्में महिला फिल्म निर्माताओं द्वारा बनाई गई हैं या महिला कहानियों पर केंद्रित हैं।
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कहानियों से भरा है हमारा देश
भारत को कहानियों की भूमि कहते हुए ठाकुर ने कहा कि दुनिया अब भी भारतीय कहानी कहने की क्षमताओं से अनजान है। यह देश कहानियों से भरा है। यह उत्सव क्षेत्रीय फिल्म निर्माताओं के आने और उनके काम को प्रदर्शित करने के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में भी कार्य करता है।
उद्घाटन समारोह में अजय देवगन, कार्तिक आर्यन, पंकज त्रिपाठी, मनोज बाजपेयी, सुनील शेट्टी, वरुण धवन और सारा अली खान सहित फिल्मी हस्तियों ने शिरकत की। कोविड-19 महामारी की दस्तक के बाद यह पहला मौका है, जब फेस्टिवल पूरे हर्षोल्लास से गोवा में आयोजित हो रहा है।