कट्टरपंथ की घुट्टी पी चुके 50 भारतीय युवक इस्लामी कट्टरपंथियों के साथ मिलकर लड़ने के लिए दूसरे देश पहुंच चुके हैं। हालांकि भारत में इस्लामी कट्टरपंथ ने खतरनाक स्वरूप नहीं लिया है। लोकसभा में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि इस देश की संस्कृति और परंपराओं की वजह से यहां इस्लामी कट्टरपंथ ने खतरनाक शक्ल अख्तियार नहीं की है।
सुषमा ने प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल के पूरक जवाब में कहा कि कट्टरपंथ की घुट्टी सिर्फ जम्मू-कश्मीर में ही नहीं पिलाई जा रही है। ऐसा पूरी दुनिया में हो रहा है। स्वराज ने कहा कि कट्टरपंथ की घुट्टी पीकर कुछ युवा उस तरफ गए हैं।
हालांकि उन्होंने यह नहीं कहा है वे कहां गए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने कट्टरपंथी विरोधी कार्यक्रम शुरू कर दिया है। राज्यों में युवाओं को कट्टरपंथ की ओर से मोड़ने वाली गतिविधियों के खिलाफ कार्यक्रम शुरू हुए हैं। इस बात की पूरी कोशिश है कि युवा गुमराह न हों।
सुषमा ने कहा कि भारत के युवा अगर कट्टपंथ से प्रभावित नहीं हो रहे हैं तो इसकी वजह यहां की परंपरा और संस्कृति रही है।