साथ ही यदि कोई फोर्स हेडक्वार्टर अपने स्तर पर यह मामला निपटा रहा है तो वह भी गृह मंत्रालय को जानकारी देगा कि उसने छुट्टियों का मामला सुलझाने के लिए कौन सा तरीका अपनाया है।
बता दें कि कोरोना संक्रमण की वजह से केंद्रीय सुरक्षा बल, सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एसएसबी, एनएसजी और असम राइफल में करीब बीस फीसदी जवान छुट्टी पर हैं।
इन्हें 25 मार्च के आसपास ड्यूटी ज्वाइन करनी थी, लेकिन लॉकडाउन के चलते देश में ट्रांसपोर्ट के सभी साधन बंद हो चुके थे। ऐसे में इनके फोर्स हेडक्वार्टर ने कहा, ऐसे सभी कर्मी अपने घर पर ही रहें।
जब लॉकडाउन खत्म होगा तो उनके आने की व्यवस्था की जाएगी। लॉकडाउन के चार चरण तो आ गए, लेकिन छुट्टी पर गए कर्मी वापस नहीं आ सके। ट्रेन चालू होने के बाद अब इनकी वापसी का प्लान तैयार किया जा रहा है।
इससे पहले पेंच यह फंस गया है कि जो कर्मी लॉकडाउन के चलते अपने घर पर रहे हैं, विभाग उनकी छुट्टियों का निपटारा कैसे करे। उन्हें किस खाते में जोड़े, इसी को लेकर अधिकारी माथापच्ची में लगे हैं।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि सभी बल मुख्यालय लॉकडाउन में हुई छुट्टियों का हिसाब-किताब डीओपीटी के 1971 में जारी आदेश के तहत करें।