केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 50 हवाईअड्डों और हवाई पट्टियों को पुनर्जीवित करने के लिए 4,500 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसमें ऐसे एयरपोर्ट भी शामिल हैं, जिनका इस समय इस्तेमाल नहीं हो रहा है। इस योजना के जरिए सरकार छोटे शहरों और कस्बों तक हवाई संपर्क बढ़ाने पर विचार कर रही है।
हालांकि इन हवाईअड्डों और हवाई पट्टियों का पुनर्जीवन ‘मांग पर निर्भर’ होगा। इस परियोजना की कुल लागत 4,500 करोड़ रुपये होगी। इसमें वित्तीय वर्ष 2017-18 और 2018-19 के दौरान 15-15 तथा 2019-20 में 20 हवाईअड्डों एवं हवाई पट्टियों का रिवाइव किया जाएगा।