ज्यादातर वैश्विक
कंपनियां क्लाउड सेवा का इस्तेमाल कर रही हैं, लेकिन सुरक्षा सावधानियों को लेकर उनमें अभी विशाल अंतर है। वहीं
क्लाउड सेवा का इस्तेमाल करने वाली भारत की आधी कंपनियों का संवेदनशील डाटा सुरक्षित नहीं है। वैश्विक डिजिटल सुरक्षा कंपनी जेमाल्टो ने हालिया सर्वे में यह दावा किया है।
रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर की सिर्फ 40 फीसदी कंपनियों का क्लाउड में स्टोर डाटा सुरक्षित है। ज्यादातर कंपनियां जानती ही नहीं कि इस सेवा का इस्तेमाल कैसे करना है। सिर्फ 25 फीसदी आईटी कंपनियों ने माना कि उन्हें खुद पर भरोसा है कि वह अपने व्यापार में इस्तेमाल हो रही सभी तरह की क्लाउड सेवा के बारे में जानती हैं।
जेमाल्टो की रिपोर्ट की मानें, तो 49 फीसदी भारतीय कंपनियां तीसरे पक्ष से साझा करते समय संवेदनशील डाटा को सुरक्षित नहीं रख पाती हैं। वहीं ऑस्ट्रेलिया की 43 प्रतिशत, जापान की 31 फीसदी, अमेरिका की 51 फीसदी और जर्मनी की 61 फीसदी कंपनियां डाटा साझा करते समय सतर्क रहती हैं। जेमाल्टो के सीटीओ डाटा प्रोटेक्शन जानसन हर्ट ने कहा, जर्मनी की कंपनियां क्लाउड सेवा का अच्छा इस्तेमाल कर रही हैं, लेकिन बाकी देशों की स्थिति चिंताजनक।
दो साल में सुधरी स्थिति
2016 में दुनिया की 62 प्रतिशत कंपनियों का मानना था उनकी क्लाउड डाटा की गोपनीयता भंग हो सकती है। जबकि अब ऐसी कंपनियों की संख्या 57 प्रतिशत है। इस सर्वे में 3285 आईटी कंपनियों से बातचीत की गई। इसमें अमेरिका की 575, ब्रिटेन की 405, जर्मनी की 492, फ्रांस की 293, जापान की 424, भारत की 497 और ब्राजील की 355 कंपनियां शामिल हैं।