केंद्र की भाजपा सरकार ने 2019 के लोकसभा चुनाव की दहलीज पर अपने कर्मियों को यह सौगात देने की योजना बनाई है।मौजूदा समय में केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में 48 लाख कर्मचारी हैं।इनमें 34 लाख सिविल महकमों में काम करने वाले और 14 लाख सैन्य कर्मी हैं।
राजनीति के जानकारों का मानना है कि अगर इन कर्मियों के परिवार में वोटरों की औसत संख्या देखें तो यह आंकड़ा करोड़ में पहुंच जाता है। हाल ही में केंद्र सरकार के साथ-साथ महाराष्ट्र सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले अपने कर्मियों को 7वें वेतन आयोग के अनुसार वेतन देने की घोषणा की है।
इस निर्णय से राज्य के 19 लाख कर्मियों को फायदा होगा। इतना ही नहीं, महाराष्ट्र में सरकारी कर्मियों की सेवानिवृत्ति आयु 58 से 60 साल करने और पांच दिन का सप्ताह करने की निर्णय प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है।
यह प्रपोजल विदेश मंत्रालय द्वारा तैयार किया गया है, जबकि भारत सरकार में कार्मिक लोक शिकायत और पेन्शन मंत्रालय का कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, डीओपीटी इस योजना को लागू कर रहा है। डीओपीटी ने इस प्रपोजल को नागरिक उड्डयन मंत्रालय, पर्यटन मंत्रालय, गृह मंत्रालय और व्यय विभाग की प्रतिक्रिया लेने के लिए भेज दिया है।इसमें यह भी कहा गया है कि ये सभी विभाग जल्द से जल्द इस फाइल पर अपनी राय दें।
हालांकि अधिकारिक सूत्रों की मानें तो यह योजना लगभग फाइनल हो चुकी है। पीएमओ और वित मंत्रालय में गहन मंथन के बाद ही इस योजना को आगे बढ़ाया गया है। अब केवल कुछ औपचारिकताएं बाकी हैं, जिन्हें पूरा किया जा रहा है। दिवाली से पहले केंद्र सरकार के कर्मचारी अपने परिवार के साथ विदेश भ्रमण पर जा सकेंगे।
इन्हीं पांच देशों का चयन क्यों किया गया है........
अधिकारियों का कहना है कि मध्य एशिया के इन पांच देशों में भ्रमण करने का खर्च ज्यादा नहीं आता है। भारत सरकार इन देशों में घूमने के लिए जाने वाले अपने कर्मियों की एलटीसी आसानी से वहन कर सकती है। उज्बेकिस्तानी मुद्रा सोम में भारत के सौ रुपये की कीमत 11243 सोम बैठती है। तुर्कमेनिस्तान की बात करें तो वहां पर हमारे सौ रुपये 5.10 तुर्कमेनिस्तान मनत में तबदील होते हैं।