ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के अध्ययन में दावा किया गया है कि पहली औऱ दूसरी खुराक के बीच भी 45 हफ्तों तक का अंतराल होने से भी कोरोना वायरस के खिलाफ इम्यूनिटी और बेहतर होती है। इससे प्रतिरोधी क्षमता में कमी नहीं होती है।