एक बेहद महत्वपूर्ण फैसले में गृह मंत्रालय ने 431 पाकिस्तानी नागरिकों को दीर्घकालिक वीजा मुहैया कराया है। इनमें से ज्यादातर हिंदू हैं। दीर्घकालिक वीजा हासिल होने के बाद ये सभी न सिर्फ आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवा सकेंगे, बल्कि बैंकों में खाता खुलवाने के साथ-साथ कुछ क्षेत्रों को छोड़ कर संपत्ति भी खरीद पाएंगे।
गौरतलब है कि केंद्र में सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार ने पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से प्रताड़ित हो कर यहां शरण लेने वाले अल्पसंख्यकों को विशेष राहत देने की रणनीति बनाई थी।
गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक जिन्हें दीर्घकालिक वीजा दिए जाने का फैसला हुआ है उनमें 85 फीसदी हिंदू और शेष सिख, बौद्घ और इसाई बिरादरी के हैं।
दीर्घकालिक वीजा हासिल करने के बाद इन्हें बैंक में खाता खुलवाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक की अनिवार्य अनुमति नहीं हासिल करनी होगी। ये सभी जिन राज्यों में रहते हैं वहां बिना किसी रोकटोक के कहीं भी आ जा सकेंगे। ड्राइविंग लाइसेंस बनवा सकेंगे, मगर कैंटोनमेंट इलाके में संपत्ति नहीं खरीद पाएंगे।
गौरतलब है कि इससे पहले गृह मंत्रालय ने बीते साल अहमदिया समुदाय के पंजाब में होने वाले सालाना जलसे के लिए इस समुदाय से जुड़े पाकिस्तानी नागरिकों को सिक्यूरिटी क्लिरियेंस नहीं दी थी।
मगर इस बार 29 दिसंबर से 31 दिसंबर तक होने वाले इस आयोजन के लिए अब तक 1800 लोगों को सिक्यूरिटी क्लिरियेंस दी है।
गौरतलब है कि वर्ष 2015 में सरकार ने 5000 अहमदियों को इस आयोजन में शिरकत करने की अनुमति दी थी। मगर इसके बाद पाकिस्तान से शीर्ष स्तर पर छिड़ी कूटनीतिक तनातनी के कारण बीते साल एक भी व्यक्ति को आने की अनुमति नहीं दी थी।