भारत में अब भी गांव में निवास करने वाली लगभग 43 प्रतिशत जनसंख्या शौचालय का प्रयोग नहीं करती। लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के जवाब में पेयजल एवं स्वच्छता राज्यमंत्री रमेश जिगाजिनागी ने 2015 की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि खुले में शौच करने वाली विश्व की लगभग 60 प्रतिशत जनसंख्या भारत में निवास करती है।
पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय के उपक्रम ‘ऑनलाइन इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम’ के मुताबिक 21 नवंबर 2016 तक के आंकड़ों के अनुसार 42.85 प्रतिशत ग्रामीण जनसंख्या खुले में शौच करती है। केंद्र ने 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की थी जिसका उद्देश्य अक्टूबर 2019 तक देश को पूर्ण रूप से स्वच्छ बनाना है।