सड़कों पर बढ़ती गाड़ियों की भीड़ के बीच हादसों की तादाद और उसमें हताहत होने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। 2018 में देश में 4,45,514 सड़क हादसे हुए, जिसमें 1,52,780 लोगों की मौत हो गई। गली, मोहल्ले और शहरों की सड़कों से ज्यादा खतरनाक राष्ट्रीय राजमार्गों पर चलना साबित हुआ है। बृहस्पतिवार को एनसीआरबी द्वारा जारी एडीएसआई रिपोर्ट के मुताबिक 2017 की अपेक्षा 2018 में सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या 2700 बढ़ गई।
एक साल गिरावट के बाद बढ़े आंकड़े
2017 में सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या में करीब एक हजार की कमी आई थी। माना जा रहा था कि सख्त यातायात नियमों की वजह से ऐसा हुआ लेकिन लेकिन 2018 में यह आंकड़ा बढ़कर 1.53 लाख के करीब पहुंच गया।
| वर्ष |
मौत |
| 2014 |
1,41,526 |
| 2015 |
1,48,707 |
| 2016 |
1,51,801 |
| 2017 |
1,50,093 |
| 2018 |
1,52,780 |
उत्तर प्रदेश ने 22 हजार की जान गई
आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में मौत के आंकड़ा भी सर्वाधिक है। एक साल में यहां 22541 की मौत हुई। वहीं, तमिलनाडु, हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों में कम आबादी के बावजूद सड़कों हादसों में ज्यादा मौतें सामने आईं।
| राज्य |
मौत |
| उत्तर प्रदेश |
22541 |
| महाराष्ट्र |
13863 |
| तमिलनाडु |
12216 |
| हरियाणा |
5429 |
| हिमाचल प्रदेश |
1077 |
| जम्मू-कश्मीर |
986 |
| पंजाब |
4738 |
| दिल्ली |
1734 |
| उत्तराखंड |
1073 |
| चंडीगढ़ |
101 |
| देश में कुल |
152780 |