देश के शोधकर्ताओं ने कैंसर की पहचान तथा इलाज को और आसान करने की दिशा में कामयाबी हासिल की है। उन्होंने एक 3डी तरीका विकसित किया है जिसकी मदद से कैंसर के सर्कुलेटिंग ट्यूमर सेल (सीटीसी) की पहचान की जा सकेगी।
महाराष्ट्र इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, एक्टोरियस इनोवेशंस एंड रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड और महाराष्ट्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च मेडिकल कॉलेज के शोधकर्ताओं ने इसे डिजायन किया है। इनकी रिपोर्ट एडवांस्ड मैटेरियल्स इंटरफेस नामक अंतरराष्ट्रीय पत्रिका में प्रकाशित हुई है। यह पहला मौका है जब इस प्रतिष्ठित पत्रिका में भारतीय शोधकर्ताओं की रिपोर्ट को कवर स्टोरी बनाया गया है।
शोधकर्ताओं के दल के वरिष्ठ वैज्ञानिकों जयंत खंडारे और शाश्वत बनर्जी ने बताया कि कैंसर के प्रमुख ट्यूमर के साथ हजारों अन्य ट्यूमर हल्के तरीके से जुड़े हुए होते हैं। ये ट्यूमर खून के प्रवाह के साथ शरीर के विभिन्न अंगों में पहुंचे जाते हैं। यही प्रक्रिया विभिन्न अंगों में कैंसर के प्रसार के लिए जिम्मेदार है। इस नए तरीके से इन ट्यूमरों को पहचाना जा सकेगा।