दुनिया देख रही है, शांति से करें चर्चा
गृहमंत्री ने पुनर्गठन बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि हम जम्मू-कश्मीर के लिए दो केंद्र शासित प्रदेश लेकर आ रहे हैं जिसमें लद्दाख और जम्मू कश्मीर होंगे। जम्मू-कश्मीर मे विधानसभा होगी और वहां चुना हुआ मुख्यमंत्री काम करेगा। मैं हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हूं आप इसपर चर्चा कीजिए। हम शांत माहौल में चर्चा चाहते हैं क्योंकि घाटी सहित देश और दुनिया हमें देश रही है।
विपक्ष जो पूछेगा उसका जवाब देंगे
अमित शाह ने कहा कि विपक्ष जो पूछेगा उसका हम जवाब देंगे लेकिन मुझे अपनी बात रखने दीजिए। धारा 373 (3) का प्रयोग करके राष्ट्रपति इसे सीज कर सकते हैं लेकिन राष्ट्रपति तभी ये अधिसूचना निकाल सकते हैं जब जम्मू-कश्मीर संविधान सभा की अनुशंसा हो। कांग्रेस इस प्रावधान का उपयोग 1952 और 1955 में कर चुकी है। महाराजा के लिए पहले सदर-ए-रियासत और फिर 1965 में इसे गवर्नर किया गया। जम्मू कश्मीर में विधानसभा नहीं चल रही है और ऐसे में इसी संसद में जम्मू-कश्मीर के सारे अधिकार निहित हैं।
स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा आज का दिन
गृह मंत्री ने कहा कि आज सदन जिसपर विचार कर रहा है वह प्रस्ताव और विधेयक भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। राष्ट्रपति ने कल एख संवैधानिक आदेश जारी किया है जिसके तहत भारत के संविधान के सारे अनुबंध जम्मू-कश्मीर में लागू होंगे। साथ ही कश्मीर को मिलने वाले विशेष अधिकार भी नहीं रहेंगे और मैं पुनर्गठन बिल लेकर आया हूं। जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। इसपर कोई कानूनी या संवैधानिक विवाद नहीं है। जम्मू कश्मीर के अनुच्छेद 370 (सी) में इस बात का जिक्र है। संसद कश्मीर पर कानून बनाने के लिए पूरी तरह से सक्षम है। हम राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद संकल्प लेकर आए हैं।
जम्मू और कश्मीर भारत का हिस्सा
कांग्रेस को जवाब देते हुए शाह ने कहा, 'जम्मू और कश्मीर भारतीय संघ का अभिन्न हिस्सा है। कश्मीर की सीमा में पीओके भी आता है। जान दे देंगे इसके लिए। मैंने सदन में जब जब जम्मू और कश्मीर राज्य बोला है तब-तब पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और अकसाई चीन दोनों इसका हिस्सा हैं। ये बात है। संसद को जम्मू-कश्मीर पर कानून बनाने का अधिकार है। कोई हमें कानून बनाने से नहीं रोक सकता। दोनों हिल काउंसिल अस्तित्व में रहेगें। हिल काउंसिल के सदस्यों को मंत्री का दर्जा मिलेगा।'
चौधरी ने पूछा कश्मीर आतंरिक या द्वीपक्षीय मामला
चौधरी ने कहा, 'आपने कहा यह आंतरिक मामला है। लेकिन इसकी निगरानी यूएन द्वारा 1948 से की जा रही है। क्या यह आंतरिक मामला है?हमने शिमला समझौते और लाहौर घोषणा पर हस्ताक्षर किए। यह आंतरिक मामला या द्विपक्षीय क्या है? एस जयशंकर ने कुछ दिनों पहले माइक पॉम्पियो से कहा था कि कश्मीर द्वीपक्षीय मामला है। इसलिए इसमें हस्तक्षेप न करें। क्या जम्मू-कश्मीर अब भी आंतरिक मसला है? हम जानना चाहते हैं। पूरी कांग्रेस पार्टी आपके द्वारा प्रबुद्ध होना चाहती है।'
अमित शाह ने लोकसभा में पेश किया बिल
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को रद्द करने का लोकसभा में संकल्प पेश किया। जिसपर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि आप पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) के बारे में सोच रहे हैं, आपने सभी नियमों का उल्लंघन किया और एक राज्य को रातोंरात केंद्र शासित प्रदेश में बदल दिया।'
संसद भवन में पीएम कोर ग्रुप की बैठक
संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले संसद भवन में प्रधानमंत्री कोर ग्रुप की बैठक हो रही है। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा, नितिन गडकरी समेत कई मंत्री मौजूद रहे। माना जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर के ताजा हालात पर चर्चा हुई। यह बैठक अब खत्म हो चुकी है।
कश्मीर पहुंचे डोभाल
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल अनुच्छेद 370 हटने के बाद राज्य के हालातों का जायजा लेने के लिए सोमवार रात को ही कश्मीर पहुंच चुके हैं। अनुच्छेद 370 हटने के बाद यहां किसी तरह का कोई प्रदर्शन न हो और दिक्कतें न आए इसके लिए सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। नए कानून के तहत अब दिल्ली की तरह जम्मू-कश्मीर की पुलिस केंद्र सरकार के अंतर्गत काम करेगी। घाटी में काफी संख्या में सुरक्षाबल तैनात हैं जिन्हें अगले आदेश तक वहीं रहने का आदेश दिया गया है।
कश्मीर के हालात
धारा 370 के हटने के बाद पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और नेशनल कॉफ्रेंस विधेयक का विरोध कर रही है। यही वजह है कि उन्हें फिलहाल हिरासत में रखा गया है। उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती को सोमवार देर रात को हिरासत में लेकर गेस्ट हाउस में रखा गया है। घाटी में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा चाक-चौबंद कर दी गई है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है।