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Explainer: '370 रुपये की बिरयानी' की बात कैसे पुरुष शव तक पहुंची, पूरे विवाद में अब तक क्या-क्या हुआ?

Sat, 13 Jun 2026 01:06 PM IST
रिया दुबे स्पेशल डेस्क, अमर उजाला

सार

एक टिप्पणी, लाखों व्यूज और फिर शुरू हुआ विवादों का सिलसिला। "370 रुपये की बिरयानी" वाला मामला अब केवल एक वायरल वीडियो की कहानी नहीं रह गया है। इसमें नौकरी जाने से लेकर पुलिस जांच, महिला आयोग की दखल, इन्फ्लुएंसर्स की प्रतिक्रियाएं और राजनीतिक बयान तक जुड़ चुके हैं। आइए विस्तार से जानते हैं अब तक इस मामले में क्या-क्या हुआ?
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स्टैंड-अप कॉमेडी से जुड़ा विवाद - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो में कही गई '370 रुपये की बिरयानी' वाली एक टिप्पणी ने देखते ही देखते देशभर में बहस छेड़ दी। शुरुआत एक वायरल क्लिप से हुई, लेकिन मामला जल्द ही महिलाओं के प्रति नजरिये, सहमति (Consent), कॉमेडी की सीमाओं, कंटेंट क्रिएटर्स की जिम्मेदारी और सोशल मीडिया की जवाबदेही तक पहुंच गया। अब इस विवाद में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की भी एंट्री हो गई है। 

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एक दर्शक की टिप्पणी से शुरू हुआ ये विवाद सोशल मीडिया पर भारी विरोध, नौकरी से बर्खास्तगी, सार्वजनिक माफी, एफआईआर और कानूनी कार्रवाई से लेकर मुख्यमंत्री की नसीहत तक हर दिन सुर्खियों में बना हुआ है। आइए जानते हैं कि आखिर यह पूरा विवाद कैसे शुरू हुआ और अब तक इसमें क्या-क्या हुआ है।

कैसे शुरू हुआ '370 रुपये की बिरयानी' का विवाद?

पूरा विवाद स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे के एक क्राउडवर्क वीडियो से शुरू हुआ, जिसमें वह दर्शकों से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान गुरुग्राम निवासी 22 वर्षीय हिमांशु जांगड़ा ने अपने एक डेटिंग अनुभव का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने एक लड़की के साथ डेट पर करीब 370 रुपये की चिकन बिरयानी खाई थी। बातचीत के दौरान हिमांशु ने कहा, "370 रुपये लगे हैं, उसे तो वसूल करूंगा ही।" उसके बाद भी हिमांशु ने यह भी कहा कि बिरयानी के पैसे वसूलने के लिए उसे महिला के साथ संबंध बनाना था। सोशल मीडिया पर इस टिप्पणी को इस रूप में देखा गया कि वह खाने पर खर्च किए गए पैसों के बदले किसी तरह के शारीरिक संबंध या "रिटर्न" की अपेक्षा कर रहा था। वीडियो तेजी से वायरल हो गया और विवाद की शुरुआत यहीं से हुई।

सोशल मीडिया ने  '370 रुपये की बिरयानी' पर कैसे दी प्रतिक्रिया?

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कड़ी आलोचना देखने को मिली। बड़ी संख्या में लोगों ने हिमांशु की टिप्पणी को महिलाओं के प्रति अपमानजनक, पिछड़ी सोच वाला और सहमति (Consent) की अवधारणा के खिलाफ बताया। आलोचकों का कहना था कि किसी डेट पर खर्च किए गए पैसे किसी पुरुष को महिला के शरीर पर अधिकार नहीं देते और इस तरह की सोच को सामान्य मजाक की तरह पेश करना भी गलत है। देखते ही देखते यह क्लिप सोशल मीडिया पर बहस का बड़ा मुद्दा बन गई।

 बात हिमांशु ने कही फिर प्रणीत मोरे कैसे सवालों के घेरे में आए?

आलोचकों का कहना था कि जब उनके मंच पर ऐसी टिप्पणी की गई तो उन्होंने उसे चुनौती देने या रोकने के बजाय हंसकर बातचीत आगे बढ़ा दी। इसके अलावा यह भी सवाल उठाया गया कि प्रणीत मोरे ने उस क्लिप को एडिट करके सोशल मीडिया पर अपलोड क्यों किया। कई लोगों का मानना था कि वीडियो को पोस्ट करना एक सोचा-समझा फैसला था और इसलिए इसकी जिम्मेदारी केवल दर्शक की नहीं बल्कि प्रणीत मोरे की भी है।

टिप्पणी करने वाले हिमांशु ने विवाद पर क्या कहा?

विवाद बढ़ने के बाद वीडियो में दिख रहे युवक की पहचान हिमांशु जांगड़ा के रूप में हुई। सोशल मीडिया पर उनकी तीखी आलोचना शुरू हो गई। बढ़ते दबाव के बीच हिमांशु ने माफी जारी की और बाद में अपने सोशल मीडिया अकाउंट भी डीएक्टिवेट कर दिए। हालांकि तब तक यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका था।

क्या नौकरी से भी निकाले गए हिमांशु जांगड़ा?

विवाद का सबसे बड़ा असर हिमांशु के पेशेवर जीवन पर पड़ा। उनकी कंपनी स्टारविक डिजाइन के संस्थापक विवेक विश्वकर्मा ने कंपनी के इंस्टाग्राम पेज पर सार्वजनिक बयान जारी कर कहा कि वीडियो में दिए गए बयान आपत्तिजनक हैं और कंपनी के मूल्यों का प्रतिनिधित्व नहीं करते।
  • कंपनी ने आंतरिक समीक्षा के बाद हिमांशु को नौकरी से निकालने का फैसला लिया।
  • हालांकि विवेक ने यह भी कहा कि कार्यस्थल पर हिमांशु के खिलाफ किसी महिला कर्मचारी या सहकर्मी की कोई शिकायत नहीं मिली थी और उन्हें पेशेवर व सम्मानजनक कर्मचारी बताया गया।
  • हिमांशु को नौकरी से निकालने के साथ-साथ विवेक विश्वकर्मा ने सोशल मीडिया ट्रायल पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गलतियां करने वालों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए, लेकिन समाज को लोगों के सीखने, बदलने और सुधारने की संभावना भी खुली रखनी चाहिए।
  • उनके अनुसार 22 साल के युवक द्वारा की गई गलती का असर उसके भविष्य पर लंबे समय तक रहेगा, इसलिए जवाबदेही और सुधार के बीच संतुलन जरूरी है।

इस पूरे विवाद पर प्रणीत मोरे ने क्या कहा?

लगातार बढ़ती आलोचनाओं के बीच प्रणीत मोरे ने सोशल मीडिया पर सफाई देते हुए माफी मांगी। उन्होंने कहा कि वायरल क्लिप में दर्शक द्वारा कही गई बातें उनके निजी विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं। मोरे ने स्वीकार किया कि उस समय उन्हें उस टिप्पणी पर अधिक जिम्मेदार और संवेदनशील प्रतिक्रिया देनी चाहिए थी। उन्होंने यह भी बताया कि विवादित वीडियो को हटा दिया गया है। अपने बयान में उन्होंने दर्शकों से माफी मांगते हुए कहा कि भविष्य में ऐसे मामलों को संभालते समय वह अधिक सावधानी बरतेंगे। विवाद बढ़ने के बाद उनका इंस्टाग्राम अकाउंट भी डीएक्टिवेट या हटाया हुआ दिखाई देने लगा।

प्रणीत के शो के एक और वीडियो की भी तो चर्चा हो रही है उसका क्या? 

विवाद के बीच प्रणीत मोरे के शो का एक दूसरा वीडियो भी सामने आया। इस वीडियो में डॉ. सेजल पवार नाम की महिला कथित रूप से मेडिकल शिक्षा में उपयोग होने वाले शवों और मृत व्यक्तियों के निजी अंगों पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करती नजर आईं।  इस वीडियो को लेकर भी सोशल मीडिया पर आलोचना शुरू हुई  तो सेजल ने भी अपनी टिप्पणी पर मांफी मांगी। 

क्या कोई कानूनी कार्रवाई भी इस मामले में हुई है?

मामला बढ़ने के बाद महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने सोशल मीडिया पर अश्लील, आपत्तिजनक और समाज विरोधी सामग्री प्रसारित करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की। एफआईआर में प्रणीत मोरे, हिमांशु जांगड़ा, डॉ. सेजल पवार और कुछ अन्य लोगों को नामजद किया गया। पुलिस ने सभी संबंधित लोगों को पूछताछ और बयान दर्ज कराने के लिए समन भी जारी किए।

किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?

  • महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने यह मामला एफआईआर नंबर 36/2026 के तहत दर्ज किया।
  • आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 67 के तहत कार्रवाई की गई।
  • पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

महिला आयोग की तरफ से भी कोई कदम उठाया गया क्या?

विवाद राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया। आयोग ने संबंधित लोगों को नोटिस और समन जारी कर जवाब मांगा। आयोग ने महिलाओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणियों को गंभीर विषय बताया।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का नाम कैसे आया?

विवाद के बाद मुंबई की मेयर रितु तावडे ने स्टैंड-अप कॉमेडी शो पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी और कहा था कि वह इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए फडणवीस ने कहा कि ह खुद भी स्टैंड-अप कॉमेडी देखते हैं और इसका आनंद लेते हैं, लेकिन मनोरंजन के नाम पर सामाजिक मर्यादाओं और गरिमा का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। भारतीय संविधान सभी नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है, लेकिन साथ ही यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय भी निर्धारित करता है कि इस स्वतंत्रता का दुरुपयोग न हो। उन्होंने कहा कि जब अभिव्यक्ति अनियंत्रित हो जाती है, तो यह समाज में लोगों के सम्मान और गरिमा के साथ जीने के अधिकार का उल्लंघन कर सकती है।

विवाद के बीच जोमैटो का नाम क्यों आया? 

  • सोशल मीडिया पर चल रहे '370 रुपये की बिरयानी' विवाद के बीच फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो को लेकर भी एक कथित नोटिफिकेशन का स्क्रीनशॉट वायरल होने लगा।
  •  इस स्क्रीनशॉट में लिखा था, ''Biryani bhejdu? Rs 370 ki hai bas.''। इस स्क्रीनशॉट को लोग विवाद से जोड़कर शेयर कर रहे थे, लेकिन कंपनी ने इसे पूरी तरह फर्जी बताया। लिंकडिन पर जारी अपने स्पष्टीकरण में जोमैटो ने कहा कि यह संदेश न तो कंपनी ने तैयार किया और न ही उसके ऐप के जरिए भेजा गया। 
  • कंपनी ने काले बैकग्राउंड पर “Biryani is dinner, not consent” लिखकर यह भी संकेत दिया कि खाने पर खर्च किया गया पैसा किसी प्रकार की सहमति या अधिकार नहीं देता। 
  • जोमैटो के अनुसार विवाद बढ़ने के बाद इंटरनेट पर बड़ी संख्या में मीम्स, पैरोडी पोस्ट और फर्जी ब्रांड स्क्रीनशॉट वायरल होने लगे, और उसका नाम इस्तेमाल करके फैलाया गया यह नोटिफिकेशन भी उसी श्रेणी का हिस्सा था। कंपनी ने स्पष्ट किया कि उसका इस वायरल स्क्रीनशॉट से कोई संबंध नहीं है।
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क्या दूसरे स्टैंडअप कमेडियन्स ने भी इस पर कोई प्रतिक्रिया दी है?

  • इन्फ्लुएंसर डॉली सिंह ने कहा कि अगर कोई कॉमेडियन खुद को महिलाओं का सम्मान करने वाला और प्रगतिशील बताता है, तो वही दृष्टिकोण उसके कंटेंट और क्राउडवर्क वीडियो में भी दिखाई देना चाहिए।
  • उन्होंने कहा कि मंच पर और सोशल मीडिया पर दोहरे मानदंड नहीं होने चाहिए।  
  • कंटेंट क्रिएटर, इंफ्लुएंसर से एक्ट्रेस बनीं कुशा कपिला ने इस विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए महिलाओं से ऐसे कंटेंट का विरोध करने की अपील की।
  • मॉडल, इन्फ्लुएंसर और पॉडकास्टर साक्षी शिवदासानी ने प्रणीत मोरे की माफी पर सवाल उठाए।
  • उन्होंने कहा कि अगर कॉमेडियन वास्तव में उन विचारों से सहमत नहीं थे तो फिर उस क्लिप को सोशल मीडिया पर पोस्ट क्यों किया गया।


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