आईसीएमआर ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए देशभर में 35 निजी लैब को कोविड 19 परीक्षण के लिए मंजूरी दे दी। लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मद्देनजर इसे बड़ा फैसला माना जा रहा है। इससे पहले आईसीएमआर में महामारी एवं संचारी रोग के प्रमुख आर गंगाखेड़कर ने कहा था कि सरकार द्वारा उठाए गए कदम इतने प्रभावी और सख्त हैं कि कोरोना वायरस के मामले देश में मुश्किल से ही बढ़ेंगे।
कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों का जल्द से जल्द पता लगाने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 17 मार्च को निजी पैथोलॉजी लैब्स को कोरोना की जांच करने की अनुमति देने का फैसला किया था। मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि अभी सिर्फ सरकारी लैब को ही कोरोना वायरस की जांच करने की अनुमति है। परंतु निजी लैब को इसकी अनुमति देकर जांच के कार्य में दोगुनी तेजी लाने का प्रयास किया जा रहा है।
कोरोना वायरस की जांच के दायरे को बढ़ाने के लिए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने कोविड-19 की जांच के लिए किट की आपूर्ति के लिए उत्पादकों से निविदाएं मांगी हैं। यह कदम ऐसे वक्त में उठाया गया है जब देश में कोरोना संक्रमित मामलों की संख्या 650 से पार हो गई और 16 लोगों की मौत हो गई है। स्वास्थ्य अनुसंधान की शीर्ष संस्था के अनुसार, वह यूएस एफडीए-ईयूए/सीई-आईवीडी/आईसीएमआर-एनआईवी पुणे द्वारा मान्यता प्राप्त सात लाख आरएनए किट खरीदेगी।