देश के अधिकतर हिस्सों में भारी बारिश से हालात बेकाबू हो गए हैं। कई राज्य बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। नदियों का जल स्तर बढ़ने के कारण अमस और बिहार के कई इलाके जलमग्न हो गए है। वहीं नेपाल में मूसलाधार बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन में 78 लोगों की मौत हो गई।
उत्तरपूर्वी राज्य असम में मानसून की भारी बारिश से आई बाढ़ में 15 लोगों की मौत हो गई है। जबकि 43 लाख लोग प्रभावित हैं। यहां सोमवार को हालात और भी अधिक खराब हो गए। बाढ़ के पानी में 33 में से 30 जिले डूब गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थिति का जायजा लिया और केंद्र की ओर से मदद का आश्वासन दिया है।
4157 गांवों के 42.87 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, 30 जिलों में 1,53,211 हेक्टेयर कृषि भूमि भी जलमग्न हो गई है। स्थिति के बारे में मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने प्रधानमंत्री मोदी को फोन पर जानकारी दी है। राज्य सरकार की ओर से राहत एवं बचाव कार्य जारी है।
ब्रह्मपुत्र नदी खतरे के निशान से ऊपर आ गई है। मुख्यमंत्री सोनोवाल ने सोमवार को बाढ़ प्रभावित नालबारी जिले और सोलमारा राहत शिविर का दौरा किया। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ राहत एवं बचाव कार्य में लगी हुई हैं। एनडीआरएफ का कहना है कि 2500 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। एनडीआरएफ की 15 टीमें 38 गोताखोर, 48 आईआरबी नौकाओं और अन्य जीवन रक्षक सहायक राज्य में तैनात हैं। असम के वन और पर्यावरण मंत्रालय की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का लगभग 90 फीसदी हिस्सा जलमग्न हो गया है।
वहीं नेपाल के विभिन्न हिस्सों में मूसलाधार बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन में 78 लोगों की मौत हो गई है। 32 लोग अभी भी लापता हैं। वहीं 31 बाढ़ प्रभावित जिलों के 3366 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
बारिश के कारण लोग विस्थापित हो गए और यातायात भी बाधित हुआ है। नेपाल पुलिस के अनुसार, खोज एवं बचाव अभियान के लिए देशभर में कुल 27,380 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।