फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

असम और बिहार में बाढ़ से 35 की मौत, नेपाल में 78 पहुंचा आंकड़ा

Tue, 16 Jul 2019 02:53 PM IST
शिल्पा ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : ANI
विज्ञापन

देश के अधिकतर हिस्सों में भारी बारिश से हालात बेकाबू हो गए हैं। कई राज्य बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। नदियों का जल स्तर बढ़ने के कारण अमस और बिहार के कई इलाके जलमग्न हो गए है। वहीं नेपाल में मूसलाधार बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन में 78 लोगों की मौत हो गई।

विज्ञापन


बिहार में अभी तक 20 लोगों की मौत की खबर है। यहां 12 जिलों के 25 लाख लोग बाढ़ आने से प्रभावित हैं। बीते 24 घंटों में सभी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर आ गई हैं। ऐसी रिपोर्ट भी आई हैं कि कई जिलों के बाद अब तीन और जिले सहरसा, कठिहार और पुर्निया भी बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।

आपदा प्रबंधन अधिकारी का कहना है कि दर्जनों लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। सीतामढ़ी और अररिया सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं, जिससे यहां की सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। पड़ोसी देश नेपाल से बहने वाली नदियों और मूसलाधार बारिश के कारण यहां बाढ़ आई है। हालांकि नेपाल में बारिश के रुकने के बाद कई नदियों के जलस्तर में कमी देखी गई है।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार और सोमवार को सीमांचल और कोशी क्षेत्र के प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया है। उन्होंने स्थिति के बारे में मंगलवार को बिहार विधानसभा में जानकारी दी। प्रभावित इलाकों में 196 राहत कैंप लगाए गए हैं। इसके अलावा 676 सामुदायिक रसोई स्थापित की गई हैं। राहत एवं बचाव कार्य अभी भी जारी है। बाढ़ प्रभावित इलाकों से एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की 26 टीमों ने अभी तक एक लाख 25 हजार लोगों को बचाया है।

असम में बाढ़ से 15 की मौत

उत्तरपूर्वी राज्य असम में मानसून की भारी बारिश से आई बाढ़ में 15 लोगों की मौत हो गई है। जबकि 43 लाख लोग प्रभावित हैं। यहां सोमवार को हालात और भी अधिक खराब हो गए। बाढ़ के पानी में 33 में से 30 जिले डूब गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थिति का जायजा लिया और केंद्र की ओर से मदद का आश्वासन दिया है।

4157 गांवों के 42.87 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, 30 जिलों में 1,53,211 हेक्टेयर कृषि भूमि भी जलमग्न हो गई है। स्थिति के बारे में मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने प्रधानमंत्री मोदी को फोन पर जानकारी दी है। राज्य सरकार की ओर से राहत एवं बचाव कार्य जारी है। 

ब्रह्मपुत्र नदी खतरे के निशान से ऊपर आ गई है। मुख्यमंत्री सोनोवाल ने सोमवार को बाढ़ प्रभावित नालबारी जिले और सोलमारा राहत शिविर का दौरा किया। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ राहत एवं बचाव कार्य में लगी हुई हैं। एनडीआरएफ का कहना है कि 2500 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। एनडीआरएफ की 15 टीमें 38 गोताखोर, 48 आईआरबी नौकाओं और अन्य जीवन रक्षक सहायक राज्य में तैनात हैं। असम के वन और पर्यावरण मंत्रालय की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का लगभग 90 फीसदी हिस्सा जलमग्न हो गया है।

नेपाल में 78 की मौत

वहीं नेपाल के विभिन्न हिस्सों में मूसलाधार बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन में 78 लोगों की मौत हो गई है। 32 लोग अभी भी लापता हैं। वहीं 31 बाढ़ प्रभावित जिलों के 3366 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

बारिश के कारण लोग विस्थापित हो गए और यातायात भी बाधित हुआ है। नेपाल पुलिस के अनुसार, खोज एवं बचाव अभियान के लिए देशभर में कुल 27,380 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें