घटना बिजली आपूर्ति में रुकावट को लेकर हुई गलतफहमी के कारण हुई। खामगांव पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया, दोनों समुदायों के सदस्यों के बीच झड़प हुई, जिसमें एक-दूसरे पर पथराव किया गया, जिससे कुछ लोग घायल हो गए।
महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के खामगांव तालुका स्थित हिवरखेड गांव में मंगलवार सुबह दो समुदायों के बीच हुई झड़प में कुछ लोग घायल हो गए। पुलिस ने दोनों पक्षों से कुल 34 लोगों को गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन
पुलिस के अनुसार यह घटना बिजली आपूर्ति में रुकावट को लेकर हुई गलतफहमी के कारण हुई। खामगांव पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया, दोनों समुदायों के सदस्यों के बीच झड़प हुई, जिसमें एक-दूसरे पर पथराव किया गया, जिससे कुछ लोग घायल हो गए।
पुलिस ने बताया कि यह विवाद 13 अप्रैल को शुरू हुआ जब एक समूह ने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में बिजली के खंभों पर झंडे लगाने शुरू किए। उसी समय गांव में 'भगवद गीता पाठ' चल रहा था, जिसमें धार्मिक प्रवचन दिए जा रहे थे। इसी दौरान बिजली सप्लाई कुछ समय के लिए बाधित हो गई, जिससे गीता पाठ में शामिल लोगों को लगा कि झंडा लगाने के कारण बिजली गई है।
अगले दिन, डॉ. आंबेडकर की जयंती पर निकाली गई शोभायात्रा के दौरान भी बिजली आपूर्ति बाधित हुई, जिससे दूसरे समुदाय को संदेह हुआ कि यह जानबूझकर किया गया है। इस गलतफहमी ने मंगलवार को झगड़े का रूप ले लिया, जिसमें दोनों समूहों के बीच पथराव हुआ। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने बताया कि 34 लोगों को दंगा करने और अन्य धाराओं में गिरफ्तार किया गया है।