भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के महानिदेशक ने कहा कि बताया ने एक 'अग्रिमीकरण योजना' तैयार की है और इसके तहत भारत-चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर कुल 56 आईटीबीपी सीमा चौकियों को मोर्चे के 'करीब' लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 56 सीमा चौकियों में से 33 को पहले ही सीमा के करीब लाया जा चुका है।
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस ने बर्फीले मोर्चे पर परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने की अपनी योजना के तहत भारत-चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अपनी निर्धारित 56 सीमा चौकियों में से 33 को आगे बढ़ाया है और छह नई बटालियनों को भी तैनात किया है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के महानिदेशक (डीजी) राहुल रसगोत्रा ने मंगलवार को ओडिशा के खोरधा जिले में बल के 63वें स्थापना दिवस परेड के दौरान यह बात कही।
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ITBP ने तैयार की है एक खास योजना- राहुल रसगोत्रा
महानिदेशक ने बताया कि बल ने एक 'अग्रिमीकरण योजना' तैयार की है और इसके तहत भारत-चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर कुल 56 आईटीबीपी सीमा चौकियों को मोर्चे के 'करीब' लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 56 सीमा चौकियों में से 33 को पहले ही सीमा के करीब लाया जा चुका है।
छह अरुणाचल में, एक बटालियन सिक्किम में तैनात- डीजी
आईटीबीपी प्रमुख ने यह भी कहा कि सरकार ने कुछ समय पहले सीमा सुरक्षा कार्यों के लिए सात नई बटालियनों को मंजूरी दी है। इनमें से छह को अरुणाचल प्रदेश में एलएसी पर तैनात किया गया है, जबकि एक को सिक्किम में मोर्चे पर तैनात किया जा रहा है। रसगोत्रा ने यह भी कहा कि बल की प्रौद्योगिकी आधारित निगरानी क्षमताओं की समीक्षा की गई और कुछ 'कमियों' के पाए जाने के बाद, यह निर्णय लिया गया कि आगामी आधुनिकीकरण योजना के तहत इन कमियों को दूर किया जाएगा।डीजी ने कहा कि आईटीबीपी 'सुरक्षित' परिचालन संचार सुनिश्चित करने के लिए देशव्यापी फाइबर नेटवर्क का भी उपयोग करेगा और जल्द ही अपने हथियारों को उन्नत करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को एक प्रस्ताव भेजेगा।
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'माओवादी हिंसा प्रभावित क्षेत्रों के लिए बन रही योजना'
माओवादी हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में सीमा बल के संचालन के बारे में बोलते हुए, डीजी ने कहा कि छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ के सबसे कठिन जंगल क्षेत्रों में जल्द ही कुछ अग्रिम ठिकाने बनाए जाएंगे। बता दें कि, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की है कि भारत मार्च 2026 तक वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) से मुक्त हो जाएगा।
'ITBP को इस साल मिले 2500 करोड़ रुपये की धनराशि'
रसगोत्रा ने एलएसी पर बल के लिए 'बुनियादी' सुविधाओं में सुधार के लिए अपनी चिंता दिखाने के लिए केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय को धन्यवाद दिया। महानिदेशक ने कहा, 'आईटीबीपी के लिए बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए इस वर्ष 2,500 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। पिछले वर्ष अग्रिम चौकियों और बटालियनों आदि पर निर्माण कार्य के लिए 1,000 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की गई थी।' 1962 के चीनी आक्रमण के बाद गठित आईटीबीपी को मुख्य रूप से चीन के साथ 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा की सुरक्षा करने के अलावा आंतरिक सुरक्षा क्षेत्र में कई प्रकार के कर्तव्य निभाने का काम सौंपा गया है।