ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, स्विट्जरलैंड, अर्जेंटीना, सिंगापुर, साइप्रस, पेरू, बोलीविया समेत दुनिया के 33 देश ऐसे हैं जहां मतदान अनिवार्य है। इन 33 देशों में 19 ऐसे हैं जहां मतदान न करने पर सजा का प्रावधान है। सबसे पहले बात करते हैं ऑस्ट्रेलिया की, क्योंकि यहां संघीय चुनाव को लेकर 18 मई को मतदान होना है।
ऑस्ट्रेलिया ऐसा देश है जहां मतदान करना हर नागरिक के लिए अनिवार्य है। कानून के तहत ऑस्ट्रेलिया के 18 वर्ष या इससे ऊपर आयु वाले हर व्यक्ति को मतदान करना अनिवार्य है, फिर चाहे व्यक्ति दुनिया के किसी भी कोने में क्यों न हो। यहां यदि कोई व्यक्ति मतदान नहीं करता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाता है, भले ही उसके वोट न कर पाने की कुछ भी वजह हो।
यदि व्यक्ति जुर्माने का भुगतान नहीं करता है तो मामला अदालत में जाता है। व्यक्ति को जुर्माने के साथ अदालती खर्च का भी भुगतान करना पड़ता है। इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया में हमेशा शनिवार को ही मतदान कराने का चलन है। इसके पीछे का कारण है कि इस दिन अधिकांश लोग काम पर नहीं जाते हैं। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया में ऑनलाइन वोटिंग की भी सुविधा रहती है।
बेल्जियम में मतदान न करने पर 1893 से ही जुर्माना लगाने का नियम है। वहीं, ब्राजील में मतदान न करने पर पासपोर्ट जब्त कर लिया जाता है। सिंगापुर में अगर कोई नागरिक मतदान नहीं करता है तो उससे मत अधिकार ही छीन लिया जाता है। वहीं बोलीविया में यदि कोई व्यक्ति मतदान नहीं करता है तो उसे तीन महीने का वेतन वापस देना पड़ता है।
ब्रिटेन में यदि मतदाता किसी कारण से मतदान के समय अनुपस्थित होता है तो उसे इस बात की पहले से जानकारी देनी पड़ती है। इसके बाद वह अन्य स्थान से भी अपने मत का प्रयोग कर सकता है। न्यूजीलैंड ऐसा देश है जहां मतदान स्थल पर उपस्थित न होने पर चुनाव आयोग की टीम लोगों के घर तक जाती है। उनसे डाक के माध्यम से मतदान कराया जाता है।
अर्जेंटीना में यदि किसी ने मतदान नहीं किया है तो उसे पुलिस के पास यह प्रमाणपत्र जमा कराना पड़ता है कि मतदान के दिन वह कहां था। पेरू और ग्रीस में मतदान न करने वाले व्यक्ति को कुछ दिनों के लिए सार्वजनिक सुविधाओं का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी जाती है।