देश में कोरोना से सबसे बुरी तरह प्रभावित महाराष्ट्र की राजधानी में मई के हर एक दिन औसत 32 मुंबईकर ने जिंदगी गंवाई है। यही नहीं आंकड़ों को देखें तो हर रोज एक हजार लोग इस महामारी की चपेट में आए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि चूंकि जांचें कम हुईं, यह आंकड़ा भी हकीकत से कम ही है। समय पर जांच नहीं होना भी मरीजों की मौत का कारण है। मुंबई में अब कुल 41099 मामले हैं।
आंकड़ों को देखें तो अप्रैल में जहां मुंबई में 6910 कोरोना मरीज थे वहीं एक महीने में इनकी संख्या में करीब साढ़े चार गुना इजाफा हुआ। मई के अंत तक शहर में 32625 कोरोना पॉजिटिव हो गए। मुंबई में पहला कोरोना मरीज 11 मार्च को मिला था। इसके बाद मार्च के अंत तक यहां कुल 151 मामले सामने आए थे, जिनमें सात की मौत हुई थी।
अप्रैल से मई के बीच मौतों में 250 फीसदी वृद्धि
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मुंबई में अप्रैल से मई के बीच मौतों में 250 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। अप्रैल में जहां 281 लोगों की कोरोना से मौत हुई थी, वहीं मई तक 989 मरीजों की कोरोना से मौत हुई। अप्रैल में औसतन हर दिन 9 मुंबईकर अपनी जान गंवा रहे थे।