बीरभूम जिला प्रशासन ने कांग्लापहाड़ी गांव के तीन सौ हिंदू परिवारों को इस साल लगातार चौथी बार भी दुर्गा पूजा के आयोजन की अनुमति नहीं दी है। स्थानीय लोगों का दावा है कि बहुसंख्यक हिंदू आबादी वाले इस गांव में रहने वाले कुछ मुस्लिम परिवार दुर्गा पूजा के आयोजन पर आपत्ति करते हैं। उनको खुश रखने के लिए ही प्रशासन पूजा की अनुमति देने से कतरा रहा है। स्थानीय लोगों ने इस मुद्दे पर कलकत्ता हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है, जिस पर सोमवार को सुनवाई होनी है।
गांव के एक व्यक्ति का कहना है कि जिला प्रशासन को लगता है कि पूजा की अनुमति देने से गांव में रहने वाले 25 मुस्लिम परिवार नाराज हो जाएंगे और सांप्रदायिक तनाव पैदा हो सकता है। इसी वजह से बीते चार सालों से पूजा की अनुमति नहीं दी जा रही है।
मामले में बीरभूम के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि इस गांव में सांप्रदायिक तनाव का इतिहास रहा है। कानून व्यवस्था की स्थिति बहाल रखने और सांप्रदायिक तनाव से बचने के लिए ही गांव में दुर्गा पूजा के आयोजन की अनुमति नहीं दी जा रही है। हर साल की तरह इस साल भी पूजा के आयोजक कांग्लापहाड़ी गुर्दा मंदिर समिति के सदस्यों ने पूजा के आयोजन की अनुमति के लिए जिला प्रशासक, पुलिस अधीक्षक, एसडीओ और एसडीपीओ से संपर्क किया था, लेकिन अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद स्थानीय लोगों ने इसके खिलाफ अदालत की शरण में जाने का फैसला किया। उन्होंने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है। इस पर कल सुनवाई होगी।