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Pellet Gun Case: FIR के लिए 30 दिन और 7 घंटे का धरना; पैलेट गन केस में चिदंबरम का दिल्ली पुलिस पर हमला

Sat, 22 Aug 2026 10:17 AM IST
प्रशांत तिवारी एएनआई, नई दिल्ली

सार

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद पी. चिदंबरम ने पैलेट गन से घायल होने के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने में हुई देरी को लेकर दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह प्राथमिकी दर्ज करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों का उल्लंघन है।

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राहुल गांधी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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सीजेपी प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर पुलिस की कार्रवाई में पैलेट गन से घायल होने का आरोप लगाने वाले साहिल लोचाव की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने 30 दिन बाद प्राथमिकी दर्ज की। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद पी. चिदंबरम ने पैलेट गन से घायल होने के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने में हुई देरी को लेकर दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ित की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कराने में 30 दिन लग गए और इसके लिए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को सात घंटे तक धरने पर बैठना पड़ा। यह प्राथमिकी दर्ज करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों का उल्लंघन है। वहीं, राहुल गांधी ने दावा किया कि एम्स की रिपोर्ट में लोचाव के शरीर में 200 से अधिक छर्रे और आंख में तीन छर्रे होने की बात सामने आई है।

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चिदंबरम ने उठाए प्राथमिकी में देरी पर सवाल
चिदंबरम ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए प्राथमिकी दर्ज करने में हुई देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय कानून के मुताबिक हर शिकायत पर प्राथमिकी तुरंत दर्ज की जानी चाहिए। लोकसभा में विपक्ष के नेता के सात घंटे के धरने के बाद दिल्ली में पीड़ित की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई। इसमें 30 दिन लग गए। यह तब है, जब सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट कानून है कि हर शिकायत पर तुरंत प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए। मैं पीड़ित साहिल लोचाव को उनके धैर्य और लगातार प्रयास के लिए बधाई देता हूं और विपक्ष के नेता राहुल गांधी को सत्याग्रह की ताकत साबित करने के लिए बधाई देता हूं।

राहुल गांधी के धरने के बाद दर्ज हुई प्राथमिकी
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को पैलेट गन से घायल होने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की। यह कार्रवाई संसद मार्ग पुलिस थाने के बाहर राहुल गांधी के धरने के बाद हुई। राहुल गांधी ने साहिल लोचाव की शिकायत पर कार्रवाई और प्राथमिकी दर्ज करने की मांग को लेकर यह विरोध-प्रदर्शन किया था।
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किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 118 और 125 के तहत मामला दर्ज किया है। धारा 118 खतरनाक हथियार या साधन के जरिए जानबूझकर चोट या गंभीर चोट पहुंचाने से संबंधित है, जबकि धारा 125 ऐसे कृत्यों से जुड़ी है, जिनसे किसी व्यक्ति के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा पैदा होता है।

20 जुलाई को कनॉट प्लेस में पैलेट गन चलने का आरोप
पीड़ित साहिल लोचाव ने आरोप लगाया था कि 20 जुलाई को कनॉट प्लेस में पैलेट गन से गोलीबारी के दौरान वह घायल हुए थे। उनका कहना है कि चोट लगने के बावजूद उनकी शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा रही थी। लोचाव के मुताबिक, उनका इलाज एम्स में हुआ और उनकी शल्य चिकित्सा भी की गई, लेकिन इसके बावजूद उनकी एक आंख की रोशनी प्रभावित हुई है। उन्होंने पुलिस से घटना की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की थी।

राहुल गांधी ने पूछा- आखिर पैलेट गन चलाई किसने?
राहुल गांधी ने प्राथमिकी दर्ज करने में हुई देरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि एम्स की रिपोर्ट में साहिल लोचाव के शरीर के अंदर 200 से अधिक छर्रे और उनकी आंख में तीन छर्रे होने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा, ‘20 जुलाई को कनॉट प्लेस में पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। एम्स की रिपोर्ट साफ तौर पर कहती है कि उसके शरीर के अंदर 200 से ज्यादा छर्रे हैं और उसकी आंख में तीन छर्रे हैं। उसकी उस आंख की रोशनी चली गई है। उसके दिल के पास भी छर्रे हैं, जिन्हें निकाला नहीं जा सकता। दिल्ली पुलिस कहती है कि उन्होंने पैलेट गन नहीं चलाई। तो सवाल सिर्फ एक है- इसे किसी न किसी ने तो चलाया होगा।’ घटना में अपराध हुआ है और इसकी जांच होनी चाहिए।

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साहिल लोचाव ने राहुल गांधी का जताया आभार
साहिल लोचाव ने अपनी मांग का समर्थन करने और प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए दबाव बनाने पर राहुल गांधी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता के हस्तक्षेप के बिना शायद प्राथमिकी दर्ज नहीं हो पाती। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब प्राथमिकी दर्ज करने में हुई देरी को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। चिदंबरम ने भी इसी मुद्दे को उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश का हवाला दिया, जिसमें संज्ञेय अपराध की शिकायत मिलने पर प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट व्यवस्था दी गई है।

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