पंचायत चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है। राज्य के मालदा जिले में भाजपा की चुनी हुई पंचायत सदस्य के तीन साल के बेटे के सिर में गोली मार दी गई है। पुलिस ने बताया कि यह घटना उस समय हुई जब जिले के मानिकचक इलाके में पंचायत बोर्ड के गठन को लेकर दोनों पार्टियों के बीच संघर्ष चल रहा था।
जानकारी के अनुसार बच्चे की पहचान मृणाल के तौर पर हुई है। पुतुल मंडल ने
भाजपा के टिकट पर मानिकचक गांव से चुनाव जीता है, उन्हीं के बेटे को गोली मारी गई है। आरोप है कि 28 और 29 अगस्त को मानिकचक ग्राम पंचायत के चुनाव में जीतने के बीच तृणमूल कांग्रेस ने कथित तौर पर पुतुल को पैसे देकर अपनी तरफ मिला लिया था।
चुनाव में भाजपा को 10 सीटों पर जीत हासिल हुई है। वहीं तृणमूल कांग्रेस को 6,
कांग्रेस को एक और निर्दलीय उम्मीदवार को एक सीट पर जीत मिली है। पंचायत में प्रधान और उप-प्रधान के चुनाव के दौरान भाजपा और तृणमूल को 9-9 वोट मिले। हालांकि बाद में लॉटरी प्रक्रिया के जरिए निकाले गए आखिरी नतीजों में दोनों ही पद भाजपा की झोली में चले गए।
एक भाजपा नेता ने दावा किया है कि तृणमूल ने पुतुल से अपनी निष्ठा बदलने के एवज में कथित तौर पर 5-7 लाख रुपये देने का वादा किया था। जब वह पैसे मांगने के लिए गई तो उसे पैसे देने से मना कर दिया गया क्योंकि तृणमूल कांग्रेस बोर्ड के गठन में कामयाब नहीं हो पाई थी। इस घटना के बाद तृणमूल और भाजपा ने अक-दूसरे के खिलाफ जुबानी जंग शुरू हो गई है। दोनों ही एक-दूसरे पर हमला करवाने की बात कह रहे हैं। वहीं मालदा के अस्पताल में भर्ती बच्चे की हालत गंभीर बताई जा रही है।