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इलाहाबादः भीषण आग में जला तीन मंजिला मकान, मां-बेटी समेत तीन की मौत

Tue, 21 Nov 2017 12:25 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, इलाहाबाद
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 शहर के सुलेमसराय बाजार में सोमवार सुबह कपड़ा कारोबारी उमेश केसरवानी की जीटी रोड स्थित दुकान और तीन मंजिले मकान में शार्ट-सर्किट से आग भड़क उठी। आग की भयावहता को देखते हुए सेना का भी दमकल दस्ता आ गया लेकिन करीब तीन घंटे में दुकान और मकान तबाह हो गया। 
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कारोबारी की मां, पत्नी और बेटी की घने धुएं में दम घुटने से जान चली गई। आग में फंसे परिजनों को बचाने की कोशिश में कारोबारी समेत चार लोग झुलस गए। तीन मौतों के साथ ही करीब एक करोड़ रुपये की नुकसान का अनुमान है। दमकल विभाग की देरी और लापरवाही से लोगों में भारी नाराजगी रही। कई किलोमीटर तक जाम भी लगा रहा।

सुलेमसराय में शेरवानी मोड़ के निकट रहने वाले उमेश केसरवानी ने तीन मंजिला मकान के निचले हिस्से में कपड़े की दुकान खोल रखी थी। दुकान के पीछे और दूसरे तल पर भी दुकान का माल भरा था। बगल के तिमंजले मकान में उनके चचेरे भाई अनूप केसरवानी भी कपड़े की दुकान चलाते हैं। 
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सोमवार सुबह लगभग सवा सात बजे उमेश के पिता रामचंद्र घर से निकलकर सड़क पार मंदिर में पूजा करने गए थे। कुछ देर बाद वह लौटे तो दुकान से घना धुआं निकलता देख सन्न रह गए। हल्ला मचा तो उमेश भी बाहर आ गए। भीड़ जुटने लगी। बगल के मकान से दोनों चचेरे भाई समेत पड़ोसी आ गए। दुकान से माल निकालने की कोशिश की जाने लगी। 
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कुछ ही देर में दुकान और गोदाम के साथ ही पूरा घर आग की जद में आ गया। लपटों से घिरे मकान के दूसरे तल पर उमेश की मां रुक्मणि, पत्नी स्नेहलता, बेटी पारूल, पुत्र विशाल, भयाहू वंदना और उनकी बेटी चेतना थी। बाकी लोग छत के  रास्ते बगल के मकान पर पहुंच गए पर बुजुर्ग रुक्मणि नहीं निकल सकीं।  

उमेश की पत्नी स्नेहलता सास रुक्मणि को बचाने के लिए बेटी पारूल संग छत से दुबारा नीचे कमरे में गईं तो वे भी घने धुएं में फंस गईं। इस बीच मौके पर दमकल दस्ते और कई थानों की पुलिस फोर्स समेत एसपी सिटी, एडीएम सिटी, सीओ पहुंच गए थे। जबरदस्त आग की वजह से दुकान के रास्ते घुसना संभव नहीं हो रहा था इसलिए पुलिस और दमकल कर्मियों ने बाहर से दूसरी मंजिल पर सीढ़ी लगाई। बगल की दीवार में सुराख किया। सेना का भी दमकल दस्ता आ गया। 

अग्निशमन कर्मचारी दूसरे और तीसरे मंजिल के कमरों में पहुंचे तो वहां बुजुर्ग रुक्मणि (70), स्नेहलता (48) और पारूल (22) के शव मिले। तीन मौतों से परिवार और रिश्तेदारों में कोहराम मच गया। उमेश का भी हाथ झुलस गया। तीन अन्य लोग आग की चपेट में आए। 

करीब तीन घंटे में आग तो बुझा ली गई लेकिन मकान पूरी तरह तबाह हो गया। दुकान और गोदाम में रखा सारे कपड़े भी जलकर नष्ट हो गए। धूमनगंज से लेकर चौफटका ओवरब्रिज तक जाम लगा तो पुलिस ने डायर्वजन किया।
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