अंडरवर्ल्ड सरगना और भारत का सबसे वांछित आतंकी दाऊद इब्राहिम के बारे में पाकिस्तान के सफेद झूठ की पोल इस बार संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने खोली है। यूएन की एक समिति ने माना है कि भारत ने आतंकी दाऊद के पाकिस्तान में रहने के बारे में जो नौ ठिकानों की सूची सौंपी है, उनमें से छह ठिकाने सही पाए गए हैं। पाकिस्तान बार-बार कहता रहा है कि दाऊद पाकिस्तान में नहीं रहता है। भारत ने यूएन को पिछले साल अगस्त में सौंपे एक डोजियर में इन नौ पतों का उल्लेख करते हुए कहा था कि दाऊद इन स्थानों पर अक्सर आता-जाता रहता है।
आतंकी दाऊद के पाकिस्तान में होने और उसके विभिन्न पासपोर्टों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए इस सूची में यूएन सुरक्षा परिषद की आईएसआईएल और अलकायदा प्रतिबंध समिति की सूचना भी शामिल की गई है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की अलकायदा प्रतिबंध समिति द्वारा सूची में से जो पते हटाए गए हैं, उनमें से एक पता संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की दूत मलीहा लोधी के घर का है। हालांकि, भारत की ओर से उपलब्ध कराए गए छह अन्य पतों को संशोधित नहीं किया गया है।
इसके अलावा समिति ने दाऊद के परिवार से जुड़ी जानकारी भी संशोधित की है। पिता के नाम में शेख इब्राहिम अली कास्कर, माता का नाम अमीना बी और पत्नी का नाम माहजबीन शेख को सूचीबद्ध करने के लिए रेखांकित किया है। इसमें शेख फारूकी, बड़ा सेठ, इकबाल भाई, मुच्छड़ और हाजी साहब जैसे उपनाम भी शामिल किए गए हैं। उसके जन्म स्ािन के तौर पर ‘बंबई’ को हटा दिया दिया है, इसे संशोधित कर खेर, रत्नागिरी (महाराष्ट्र) जोड़ा गया है।
सुरक्षा परिषद की आईएसआईएल और अलकायदा प्रतिबंध समिति ने दाऊद से जुड़ी भारत जानकारी में सोमवार को संशोधन किया। इसमें से तीन पते गलत पाए गए हैं। इन्हें सूची से हटा दिया गया है। मुंबई में 1993 में शृंखलाबद्ध बम विस्फोटों के मास्टरमाइंड से जुड़े इस पते को समिति ने रेखांकित किया और संशोधित किया।
भारत की ओर से पिछले साल अगस्त में तैयार किए गए डोजियर में पाकिस्तान में आतंकी दाऊद के नौ पते शामिल किए गए थे। यह इस बात का सबूत था कि आतंकी दाऊद पाकिस्तान में छिपा हुआ है। भारत ने यह भी कहा था कि वह अपने स्थान और पते लगातार बदलता रहता है। वहीं, पाकिस्तान लगातार इस बात से इनकार करता रहा है कि दाऊद पाकिस्तान में रहता है।
सूत्रों ने बताया कि 22 अगस्त 2016 को सुरक्षा परिषद समिति के प्रस्ताव 1267 (1999), 1989 (2011) और 2253 (2015) के अनुसार दाऊद से जुड़े लोगों और संपत्तियों की सूची में भी संशोधन किया गया। इस सूची में शामिल व्यक्तियों और इकाइयों की परिसंपत्तियां कुर्क की जाती हैं, यात्रा पर पाबंदी लगाई जाती है और हथियारों पर प्रतिबंध लगाया जाता है।
एक पते में बिलावल भुट्टो का पड़ोसी है दाऊद
दाऊद
पाकिस्तान के ठिकाने का एक पता पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के बेटे बिलावल भुट्टो जरदारी के कराची स्थित निवास का बगल का ही था। दो वर्ष पहले तैयार किए गए डोजियर में इसका जिक्र था और जब भारतीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ पाकिस्तानी समकक्ष सरताज अजीज से बातचीत के दौरान यह डोजियर सौंपने की तैयारी थी। लेकिन यह बैठक ही रद्द हो गई।
2003 में सूची में शामिल हुआ था दाऊद
दाऊद को तीन नवंबर 2003 में सूचीबद्ध किया गया था। उससे जुड़ी जानकारी को मार्च और जुलाई 2006 में, जुलाई 2007 में और मार्च 2010 में संशोधित किया गया। संयुक्त राष्ट्र की ओर से आतंकी घोषित किए गए दाऊद की संपत्ति कुर्क है। उसकी यात्राओं पर पाबंदी है।
पासपोर्टों की जानकारी भी है दर्ज
सूची में उसके विभिन्न पासपोर्टों की जानकारी भी दर्ज है। इनमें वे पासपोर्ट भी हैं, जो पाकिस्तान में जारी किए गए। इसमें कहा गया है कि दाऊद को 18 अगस्त 1985 को एक पासपोर्ट दुबई में जारी किया गया। एक पासपोर्ट रावलपिंडी में 12 अगस्त 1991 में जारी किया गया। इसमें इन दो पासपोर्टों के ‘गलत इस्तेमाल’ का जिक्र किया गया है।
पते की सूची से इन ठिकानों को हटाया
संशोधन करते हुए समिति ने ‘कराची स्थित मरगल्ला रोड एफ-6/2, गली नंबर 22, मकान नंबर-07, इस्लामाबाद नंबर 29 की मेन प्रॉपर्टी’ को काट दिया। बाद में यह पता मलीहा लोधी के पते से मेल खाता हुआ मिला। इस संशोधन के बारे में पूछे जाने पर भारत के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि सूचीबद्ध जानकारी में दाऊद का एक पता गलत था। यह पता ‘राजदूत मलीहा लोधी का था, दाऊद का नहीं।’ संयुक्त राष्ट्र समिति द्वारा किए गए संशोधन में ‘आठवीं मंजिल, मेहरान स्क्वायर, निकट परदेसी हाउस-3, तलवार एरिया, क्लिफ्टन, कराची पाकिस्तान और 6/ए, क्जाउआबाम तंजीम, फेज-5, डिफेंस हाउसिंग एरिया, कराची, पाकिस्तान’ पते को भी काटा गया है।
भारत का दुश्मन नंबर 1 है दाऊद
दाऊद इब्राहिम
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रत्नागिरी (महाराष्ट्र) में 27 दिसंबर, 1955 को जन्मा दाऊद भारत का सर्वाधिक वांछित आतंकवादी है। उसके खिलाफ इंटरपोल ने रेड कार्नर नोटिस जारी कर रखा है। दाऊद को 1993 में हुए मुंबई बम धमाके का मास्टर माइंड माना जाता है।
आरोप : 1993 मुंबई बम विस्फोट मामले में आरोपी, अवैध वसूली, सुपारी लेकर हत्या कराने, मादक पदार्थों की तस्करी तथा जाली मुद्रा का कारोबार करने जैसे संगीन आरोप हैं।
प्रतिबंध : यूएन के प्रावधान 1267 (1999) और 1735 (2006) के आधार पर कई तरह के प्रतिबंध उस पर लगाए गए हैं। इनमें संपत्ति कुर्क करना, आवाजाही पर रोक, हथियारों की खरीद फरोख्त पर रोक शामिल है।
पाकिस्तान में रह रहा है : दाऊद के पाकिस्तान में नौ आवास हैं। इनमें से एक आवास उसने सितंबर, 2013 में खरीदा, जो कराची के क्लिफ्टन में शिरीन जिन्ना कॉलोनी में है। मई, 2011 में लादेन के मारे जाने के बाद से वह पाकिस्तान में अपना ठिकाना समय-समय पर बदलता रहता है।
अवैध कारोबार : दाऊद के पास 80 हजार करोड़ रुपये मूल्य की करीब 1,000 बेनामी संपत्ति होने की अनुमान लगाया गया है। उसने ब्रिटेन, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, स्पेन, मास्को, पाकिस्तान, मोरक्को समेत 10 देशों में निवेश कर रखा है।
दुबई में उसकी कई कंपनियां है जिनमें ओएसिस ऑयल एंड लूब एलसीसी दुबई, अल-नूर डायमंड्स दुबई, ओएसिस पावर एलसीसी, किंग वीडियो दुबई, आदि। दक्षिण एशियाई देशों में हवाला कारोबार में भी संलिप्त है।