वित्तीय संकट से जूझ रही विमानन कंपनी जेट एयरवेज की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। बकाया भुगतान नहीं करने से उसे पट्टे पर विमान देने वाली कंपनियों ने अपने विमानों को खड़ा करना शुरू कर दिया है। पिछले दो दिन में जेट के छह विमान हवाईअड्डों पर खड़े हो गए हैं, जिससे उसे 20 घरेलू उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
जेट एयरवेज विमान लीज रेंटल भुगतान के मुद्दे पर कई कंपनियों से बातचीत कर रही है। लेकिन कुछ कंपनियों ने दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू, पोर्ट ब्लयेर, हैदराबाद, पुणे और चेन्नई हवाईअड्डों पर सोमवार रात बोईंग 737 विमान खड़े कर दिए। जेट एयरवेज के मुताबिक, उसके बेड़े में 123 विमान हैं। लेसर्स और मेंटनेंस कंपनियों का बकाया बढ़ने और कलपुर्जे खरीदने के लिए नकदी की किल्लत के कारण कई विमान खड़े हो गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, अगर बकाया भुगतान नहीं किया गया, तो हालात बदतर हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि कंपनी में 24 फीसदी की हिस्सेदार एतिहाद एयरवेज जेट में पूंजी निवेश करने जा रही है। जेट एयरवेज को कर्ज देने वाले बैंक 8,200 करोड़ रुपये के कर्ज के एक हिस्से को इक्विटी में तब्दील करने के साथ ही कुछ नए शेयर खरीद सकते हैं।