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जेट एयरवेज के छह विमान खड़े हुए, 20 घरेलू उड़ानें रद्द

Tue, 29 Jan 2019 07:58 PM IST
तिवारी अभिषेक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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जेट एयरवेज
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वित्तीय संकट से जूझ रही विमानन कंपनी जेट एयरवेज की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। बकाया भुगतान नहीं करने से उसे पट्टे पर विमान देने वाली कंपनियों ने अपने विमानों को खड़ा करना शुरू कर दिया है। पिछले दो दिन में जेट के छह विमान हवाईअड्डों पर खड़े हो गए हैं, जिससे उसे 20 घरेलू उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।

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जेट एयरवेज विमान लीज रेंटल भुगतान के मुद्दे पर कई कंपनियों से बातचीत कर रही है। लेकिन कुछ कंपनियों ने दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू, पोर्ट ब्लयेर, हैदराबाद, पुणे और चेन्नई हवाईअड्डों पर सोमवार रात बोईंग 737 विमान खड़े कर दिए। जेट एयरवेज के मुताबिक, उसके बेड़े में 123 विमान हैं। लेसर्स और मेंटनेंस कंपनियों का बकाया बढ़ने और कलपुर्जे खरीदने के लिए नकदी की किल्लत के कारण कई विमान खड़े हो गए हैं। 

सूत्रों के मुताबिक, अगर बकाया भुगतान नहीं किया गया, तो हालात बदतर हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि कंपनी में 24 फीसदी की हिस्सेदार एतिहाद एयरवेज जेट में पूंजी निवेश करने जा रही है। जेट एयरवेज को कर्ज देने वाले बैंक 8,200 करोड़ रुपये के कर्ज के एक हिस्से को इक्विटी में तब्दील करने के साथ ही कुछ नए शेयर खरीद सकते हैं। 

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एक फीसदी से ज्यादा लुढ़के जेट एयरवेज के शेयर

बंबई शेयर बाजार में जेट एयरवेज के शेयर मंगलवार को एक फीसदी से ज्यादा लुढ़ककर 242.75 रुपये पर बंद हुए। सुबह कंपनी का शेयर 245.58 रुपये पर खुला। दिन के कारोबार में एक समय कंपनी के शेयर दो फीसदी से ज्यादा गिर गए थे। दिन में एक बार शेयर ने 251.35 रुपये का उच्च स्तर छुआ। 

एसबीआई खरीद सकती है 15 फीसदी हिस्सेदारी
नई दिल्ली। जेट एयरवेज का कर्जदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) कंपनी में 15 फीसदी हिस्सेदारी खरीद सकता है। हालांकि, यह तभी होगा जब एयरलाइंस कर्ज को इक्विटी में तब्दील करने को तैयार हो जाती है। कंपनी ने इसकी अनुमति लेने के लिए 21 फरवरी को शेयरधारकों की बैठक बुलाई है। उम्मीद की जा रही है कि एयरलाइंस के संस्थापक व चेयरमैन नरेश गोयल कंपनी में अपनी हिस्सेदारी 51 से घटाकर 20 फीसदी कर सकते हैं।
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