चक्रवाती तूफान ताउते के दौरान बार्ज पर मौजूद कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही के मामले में ओएनजीसी (तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम) के तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है। जानकारी के अनुसार इस मामले में चल रही उच्च स्तरीय जांच के तहत बुधवार को ओएनजीसी के तीन कार्यकारी निदेशकों को निलंबित किया गया था।
ओएनजीसी के जिन अधिकारियों को निलंबित किया गया है वह ड्रिलिंग, सेफ्टी और एग्जीक्यूटिव एक्सप्लोरेशन के प्रभारी हैं। पूरी घटना की जांच के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से गठित उच्च स्तरीय समिति द्वारा उन्हें निलंबित कर दिया गया है। मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि यह घटना बॉम्बे हाई में अब तक की सबसे बड़ी त्रासदी है।
यह जांच ताउते तूफान के दौरान अरब सागर में बॉम्बे हाई पर घटी घटनाओं को लेकर हो रही है, जिनमें 86 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोगों की जान पर संकट बन आया था।सूत्र ने कहा, 'इन निदेशकों को यह सुनिश्चित करने के लिए निलंबित किया गया है कि जांच मुक्त और निष्पक्ष तरीके से हो सके और वह जांच में दखलअंदाजी न कर सकें।'
इस मामले में गंभीर सबूत के रूप में जांच समिति के पास पी205 के डेक अधिकारी द्वारा एक ओएनजीसी अधिकारी व कई अन्य को भेजा गया एक ईमेल है। इस बार्ज पर 261 लोगों के रहने की व्यवस्था थी। इस ईमेल से पता चलता है कि एक निजी मौसम भविष्यवक्ता स्टॉर्म जियो ने पश्चिमी तट/बॉम्बे हाई इलाके में चक्रवात का पूर्वानुमान बताया था।
इस पूर्वानुमान के आधार पर यह जानकर कि हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है और समुद्र की लहरें सात से नौ मीटर तक ऊंची उठ सकती हैं, डेक अधिकारी ने अन्य अधिकारियों से इस संबंध में उचित कदम उठाने और सभी कर्मचारियों थथा संपत्तियों की सुरक्षा के लिए व्यवस्था करने का अनुरोध किया था।
वहीं, ओएनजीसी के एसोसिएशन ऑफ साइंटिफिक एंड टेक्निकल ऑफिसर्स (एएसटीओ) ने इसे लेकर नाखुशी जताई है। एसोसिएशन के एक सदस्य ने कहा कि निलंबन सामाजिक अपमान है। इससे मनोबल गिरता है। अधिकारियों को घर बैठने को कहा जाता है और आधा वेतन काट लिया जाता है। यह भविष्य में प्रोन्नति को भी प्रभावित कर सकता है।