बांग्लादेश के तीन नागरिक जिसमें से एक सजायाफ्ता जबकि दो अंडर ट्रायल थे, अलीपुर जेल से भागने में कामयाब हो गए हैं। तीनों ने जेल की सलाखों को चोरी की हुई आरी की मदद से काट दिया। इसके बाद तीनों ने 20 फीट लंबी दीवार को चादर (बेडशीट) और कपड़ों के टुकड़ों की मदद से पार कर लिया। ठंड से बचने के पिछले हफ्ते ही जेल अधिकारियों ने उन्हें चादर उपलब्ध कराई थीं।
भागने वालों में 26 साल का इमोन चौधरी, 29 साल का फिरदौस शेख और 24 साल का फारुख हवलदार शामिल है। इन तीनों के भागने का पता सुबह 6 बजे होने वाली अटेडेंस से चला। जेलब्रेक की यह घटना केंद्रिय जेल में सुरक्षा के कमजोर इंतजाम को दिखाती है। तीनो बैरक 1 के 7वें वार्ड में दूसरे अपराधियों के साथ कैद थे। किसी को भी उनके डेढ़ इंच मोटी लोहे की सलाखों को तोड़कर जाने की भनक नहीं लगी क्योंकि सभी सो रहे थे।
शुरुआती जांच में पता चला है कि तीनों ने जेल के दरवाजे के पास सोने वाले कैदियों को मोआ मिठाई में नशीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया था। जिसकी वजह से किसी को उनके इस कारनामों की भनक नहीं लगी। जेल के अंदर से एक सूत्र ने बताया कि बैरक से निकलने के बाद उन्होंने 400 मीटर का रास्ता तय किया और अमरुद के पेड़ पर चढ़ गए। यहीं से उन्होंने 20 फीट की दीवार को लांघने में सफलता हासिल की। पुलिस को पेड़ से चादरें और शॉल लटकी मिली हैं। पुलिस का कहना है कि इस घटना को हफ्तों की प्लानिंग के बाद अंजाम दिया गया है।