2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले की जांच करने वाले दल के प्रमुख और सीबीआई के पूर्व निदेशक एपी सिंह विशेष अदालत के फैसले से हैरान हैं। शुक्रवार को अपनी प्रतिक्रिया में उन्होंने कहा, ‘मैं इस फैसले को नहीं समझ पा रहा हूं।’
उन्होंने कहा कि अभियोजन पक्ष के गवाहों को पूरी तरह खारिज कर दिया गया जबकि बचाव पक्ष की गवाही को सच माना गया। मैं दुविधा में हूं। मुझे यह फैसला समझ में नहीं आ रहा। उन्होंने कहा, पूर्व टेलीकॉम मंत्री ए राजा के खिलाफ हमारा केस काफी आसान था।
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आरोप यह था कि उन्होंने सिस्टम का दुरुपयोग कर स्वान टेलीकॉम और यूनीटेक को प्राथमिकता के आधार पर स्पेक्ट्रम का लाइसेंस दिया। सामान्य प्रक्रिया में वे इसे हासिल नहीं कर सकते थे। यह भी आरोप है कि इस काम में राजा की मदद उनके निजी सचिव आर के चंदोलिया ने की।
सिंह ने कहा, राजा स्वान और यूनीटेक को लाभ क्यों पहुंचाना चाहते थे? हमने यह पाया कि जब वह पर्यावरण मंत्री थे तब दोनों कंपनियां उनसे डील कर रही थीं। दोनों कंपनियां तब रियल स्टेट का बिजनेस कर रही थीं। अब सवाल उठता है कि वे टेलीकॉम सेक्टर में क्या कर रही थीं। क्या वे राजा के साथ आईं..।