विभिन्न देशों में तैनात संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों में शामिल भारतीय सुरक्षाबलों का लगभग 263 करोड़ रुपये बकाया है। इस राशि मे पाकिस्तान तीसरे स्थान पर है। उसका 194 करोड़ रुपये यूएन पर बकाया है।यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी 2018-19 के रिपोर्ट में सामने आई है।
यूएन के शांति मिशनों में विभिन्न देशों के सुरक्षाबल काम करते हैं जिन्हें अपनी हिस्सेदारी के बदले यूएन एक निश्चित रकम देता है। लेकिन, यूएन ने भारत को लंबे समय से भुगतान नहीं किया है।
नकदी संकट का सामना कर रहे यूएन के इस रिपोर्ट के अनुसार भारत के बाद रवांडा, पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल की सबसे ज्यादा फीस बकाया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियों गुटेरस ने भी यूएन के खराब होती वित्तीय स्थिति पर चिंता जाहिर की थी।
उन्होंने कहा कि अगर ऐसी परिस्थितियां आगे भी बनी रहीं तो जून 2019 तक यह बकाया राशि 4070 करोड़ रुपए तक पहुंच सकती है। इस सूची में भारत के 263 करोड़, रवांडा के 215 करोड़, पाकिस्तान के 194 करोड़, बांग्लादेश के 173 करोड़ और नेपाल के 159 करोड़ बकाया है।
एक रिपोर्ट के अनुसार संयुक्त राष्ट्र के पास 2010 के आखिर तक 2852 करोड़ रुपए की नकदी थी। लेकिन, 2018 के आखिर में यह घटकर 2236 करोड़ रुपए रह गई। जो दिन-प्रतिदिन कम होती जा रही है। पिछले आठ साल में 5088 करोड़ की नकदी कम हो गई।
सदस्य देश देते हैं सहयोग राशि
वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देश हैं जो अपनी सहयोग राशि यूएन को देते हैं। लेकिन, साल 2018-19 में केवल 74 देशों ने ही सहयोग राशि को जमा किया है।