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'ढहाया जाना चाहिए भारत में मौजूद 2603 करोड़ का जिन्ना का बंगला'

Mon, 27 Mar 2017 09:48 PM IST
amarujala.com, presented by- हर्षित गौतम
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जिन्ना हाउस - फोटो : Social media
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शहर के शीर्ष बिल्डर और बीजेपी विधायक ने सरकार को बताया कि मुम्बई में पाकिस्तान के संस्थापक मुहम्मद अली जिन्ना द्वारा बनाया गया विशाल बंगला अब ढहा देना चाहिए। मंगल प्रभात लोढ़ा आर्थिक राजधानी के बड़े रियल स्टेट डेवलपर और बीजेपी विधायक हैं।
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उन्होंने विधान मंडल को बताया कि साउथ मुंबई में मौजूद जिन्ना हाउस को ढहाकर उसकी जगह पर कल्चरल सेन्टर बनाया जाना चाहिए। जिन्ना हाउस ढाई एकड़ में बना है जिसकी कीमत 40 करोड़ डॉलर (2603 करोड़ रुपये) के करीब है।

साउथ मुंबई का जिन्ना रेजिडेंस वो जगह है जहां भारत के विभाजन का षडयंत्र रचा गया था। जिन्ना हाउस विभाजन का प्रतीक है। उन्होंने इस ढांचे के ढहाने की वकालत करते हुए कहा कि 1930 में यूरोपियन ढांचे में बनाए गए इस बंगले के रख-रखाव पर लाखों खर्च किए जा रहे हैं।
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1982 के बाद से ये आवास इस्तेमाल नहीं हुआ

जिन्ना हाउस
अखरोट की लकड़ी के पैनल से बने जिन्ना हाउस में इटैलियन मार्बल लगाई गई है। ये दशकों तक ब्रिटिश डिप्टी हाई कमीश्नर का घर रहा है। लेकिन 1982 के बाद से ये आवास इस्तेमाल में नहीं है।

ये वही ऐतिहासिक घर है जहां पर भारतीय नेताओं और जिन्ना के बीच बंटवारे की बैठकें हुआ करती थीं। पाकिस्तान ने जिन्ना के इस घर को कई बार पाकिस्तान सरकार को बेचने या लीज पर देने का अनुरोध कर चुकी है, जिससे यहां उनका काउंसलर ऑफिस बनाया जा सके।

हालांकि भारत सरकार ने कभी पाकिस्तान के इस अनुरोध को न कभी खारिज किया और न ही कभी स्वीकार किया है। सालों से इस घर पर ताला लगा हुआ है जो कि अब ढहाए जाने की कगार पर पहुंच चुका है।
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जिन्ना की बेटी ने ली थी मालिकाना हक के लिए हाईकोर्ट की शरण

2007 में जिन्ना की बेटी दीना बाडिया ने नीलामी के जरिए इस घर पर मालिकाना अधिकार लेने के लिए हाईकोर्ट की शरण ली थी। बाडिया उस वक्त 88 साल की थीं और न्यूयॉर्क में रह रही थीं। दीना के बेटे नुस्ली मुंबई में ही रहते हैं और एक व्यवसायी हैं।

विभाजन के उस दौर में भारत ने पाकिस्तान जाने का निर्णय करने वाले सभी लोगों की संपत्ति को जब्त कर लिया था। ये संपत्ति विस्थापितों की संपत्ति के रूप में दर्ज की गई थीं। हालांकि तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने जिन्ना और उनकी बेटी को विस्थापितों की लिस्ट में शामिल न करने की बात कही थी। साथ ही इनकी संपत्तियों को भी विस्थापितों की श्रेणी में न रखने की बात कही थी।

पिछले हफ्ते संसद ने नया शत्रु संपत्ति एक्ट पास किया। इस एक्ट के मुताबिक विभाजन के वक्त पाकिस्तान गए विस्थापित परिवारों का भारत में छोड़ी गई संपत्तियों पर कोई अधिकार नहीं रहेगा।
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