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रोशनी एक्ट को खत्म करने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 26 एसएलपी दायर

Fri, 27 Nov 2020 02:14 AM IST
Kuldeep Singh एजेंसी, नई दिल्ली
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रोशनी एक्ट घोटाला - फोटो : अमर उजाला
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रोशनी एक्ट को खत्म करने के जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कई स्पेशल लीव याचिकाएं (एसएलपी) दायर की गई हैं। यह कानून राज्य के लोगों को जमीन पर मालिकाना हक प्रदान करता था। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने कभी भी सरकारी जमीन पर अतिक्रमण या कब्जा नहीं किया और न ही कभी उन्हें इस मामले में पक्षकार बनाया गया।

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पूर्व अफसरों, व्यापारियों और सेवानिवृत्त जजों ने हाईकोर्ट के 9 अक्तूबर के आदेश को चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में रोशनी एक्ट को गैर कानूनी और असांविधानिक करार देते हुए इसके तहत हुए आवंटनों को रद्द कर दिया था। साथ ही सीबीआई को इस कानून के तहत भूमि आवंटन की जांच का आदेश दिया था।

याचिकाकर्ताओं की दलील है कि उनके खिलाफ अवैधता का कोई आरोप नहीं है और उन्होंने किसी सरकारी जमीन पर अतिक्रमण भी नहीं किया। 26 याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई हैं। इनमें पूर्व मुख्य वन संरक्षक आरके मट्टुू, पूर्व जज खालिक उल रहमान, पूर्व मुख्य सचिव मोहम्मद साई पंडित, पूर्व पावर डेवलपमेंट कमिश्नर निसार हुसैन, कारोबारी भरत मल्होत्रा और विकास खन्ना तथा सेवानिवृत्त कमिश्नर बसीर अहमद भी शामिल हैं।
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