26/11 मुंबई हमले का आरोपी तबव्वुर राणा इन दिनों राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के हिरासत में है। इसी सिलसिले में गुरुवार को एनआईए ने बड़ा बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि मुंबई आतंकी हमले (26/11) के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा से पूछताछ बेहद जरूरी है, क्योंकि वह लश्कर-ए-तैयबा और उसकी भविष्य की आतंकी योजनाओं के बारे में अहम जानकारी दे सकता है। बता दें कि एनआईए ने 28 अप्रैल को दिल्ली की एक विशेष अदालत में राणा की हिरासत बढ़ाने की मांग की थी। इसके बाद अदालत ने राणा की हिरासत 12 दिन के लिए बढ़ा दी थी।
अहम जानकीर दे सकता है राणा
एनआईए ने कोर्ट को बताया कि राणा भारत में आतंकी हमलों की साजिश में शामिल है और उसके जरिए लश्कर-ए-तैयबा के नेटवर्क और हाफिज सईद जैसे आरोपियों से जुड़ी जानकारियां मिल सकती हैं। एजेंसी ने कहा कि मामले की जांच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैली हुई है, इसलिए हिरासत जरूरी है। हालांकि, राणा ने यह शिकायत की कि उससे हर दिन 20 घंटे तक पूछताछ की जा रही है, लेकिन एनआईए ने सफाई दी कि उसकी सेहत का ध्यान रखते हुए पूछताछ नियम और सावधानीपूर्वक की जा रही है।
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तहव्वुर राणा की भारत वापसी
भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई पर 2008 में हुए आतंकी हमलों की साजिश रचने वाले तहव्वुर राणा को हाल ही में भारत ले आया गया था। फिलहाल वह एनआईए की हिरासत में है। भारत पिछले 17 वर्षों से राणा और उसके साथी डेविड कोलमैन हेडली के प्रत्यर्पण की कोशिश में लगा था, जो कि 2009 में ही अमेरिका में गिरफ्तार हुए थे।
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हालांकि हेडली के मामले में भारत को फिलहाल खास सफलता नहीं मिली है, लेकिन तहव्वुर राणा के मामले में अमेरिका की निचली अदालतों से लेकर सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के दावों को मानते हुए उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी थी।